Samastipur Express: समस्तीपुर सदर अस्पताल के ओपीडी में टीबी संक्रमण का खतरा बढ़ा

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Samastipur Express: समस्तीपुर सदर अस्पताल के ओपीडी में टीबी संक्रमण का खतरा बढ़ा

Samastipur Express: समस्तीपुर सदर अस्पताल के ओपीडी में टीबी संक्रमण का खतरा बढ़ा

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समस्तीपुर सदर अस्पताल में सामान्य मरीजों के साथ-साथ टीबी मरीजों का भी इलाज किया जा रहा है। अस्पताल प्रशासन ने ओपीडी के पहले तल पर स्किन वार्ड के ठीक सामने ही टीबी वार्ड बना दिया है।
इस वजह से आँख, दंत, ईएनटी, पैथोलॉजी और सर्जरी विभाग के मरीज भी टीबी मरीजों के बीच ही लाइन में खड़े होने को मजबूर हैं।

ऐसे माहौल में संक्रमण फैलने का खतरा काफी बढ़ जाता है। अगर कोई मरीज किसी दूसरी बीमारी का इलाज कराने पहुंचता है, तो यह संभव है कि उसे यहां से टीबी का संक्रमण भी लग जाए।


टीबी मरीजों का इलाज अलग जगह होना था, लेकिन हो रहा है सामान्य ओपीडी में

टीबी मरीजों का इलाज सामान्य मरीजों के बीच किया जा रहा है, जबकि नियमों के अनुसार इनका उपचार अलग वार्ड में होना चाहिए।
विशेषज्ञों के अनुसार, खांसने, बोलने या छींकने से टीबी के कीटाणु हवा में लगभग 1.5 मीटर तक फैल जाते हैं, जिससे संक्रमण का खतरा और भी ज्यादा बढ़ जाता है।


टीबी वार्ड में महीनों से डॉक्टर की ड्यूटी नहीं, मरीज हो रहे परेशान

सदर अस्पताल में टीबी कक्ष में कई महीनों से किसी डॉक्टर की ड्यूटी निर्धारित नहीं की गई है।
जिला यक्ष्मा पदाधिकारी की जिम्मेदारी भी कई अन्य विभागों के साथ एक ही अधिकारी को दे दी गई है, जिससे मरीजों तक सही सेवा नहीं पहुंच पा रही है।

टीबी मरीजों का सामान्य वार्ड में इलाज, मरीज डरे हुए

टीबी विभाग के कमरे में डॉक्टर न होने के कारण मरीजों को मजबूरी में सामान्य ओपीडी में इलाज करवाना पड़ रहा है।
सामान्य मरीजों को डर है कि कहीं टीबी मरीजों के संपर्क में आने से उन्हें भी संक्रमण न हो जाए।


ओपीडी में सामान्य और टीबी मरीजों का एक साथ रजिस्ट्रेशन

सदर अस्पताल के आउटडोर विभाग में रोज़ 700 से अधिक मरीजों का रजिस्ट्रेशन होता है।
सुबह 8:30 से दोपहर 12:30 बजे तक रजिस्ट्रेशन काउंटर खुला रहता है। इस दौरान टीबी मरीज भी लंबी कतार में खड़े रहते हैं।

इनमें कुछ एमडीआर (मल्टी ड्रग रेसिस्टेंट) टीबी से पीड़ित मरीज भी शामिल होते हैं।
ऐसे मरीजों की खांसी से हवा में टीबी के कीटाणु फैलते हैं, जिससे सामान्य मरीजों के संक्रमित होने की संभावना और अधिक हो जाती है।


अधिकारी ने बताया — जिला टीबी सेंटर खोलने की तैयारी जारी

डॉ. विशाल कुमार, जिला यक्ष्मा पदाधिकारी, समस्तीपुर ने बताया कि

“जिले में अलग से टीबी सेंटर खोलने की प्रक्रिया चल रही है, लेकिन जगह की कमी समस्या बन रही है। सामान्य ओपीडी में टीबी मरीजों को दवा दी जा रही है और उन्हें मास्क लगाकर आने के लिए जागरूक किया जा रहा है।”

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