समस्तीपुर। समस्तीपुर के वीमेंस कॉलेज में मंगलवार को ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ के तहत एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें कॉलेज की छात्राओं, शिक्षकों और कर्मियों ने मिलकर नशा छोड़ने और समाज को नशा मुक्त बनाने की शपथ ली। सभी ने यह संकल्प लिया कि नशा छोड़ने की शुरुआत खुद से करनी होगी और समाज में जागरूकता फैलाने में अपनी भूमिका निभाएंगे।
कार्यक्रम में ली गई नशा मुक्ति की शपथ
कार्यक्रम में हिंदी भाषा में शपथ दिलाई गई। इसमें कहा गया कि नशा व्यक्ति, परिवार और समाज—तीनों के लिए हानिकारक है। हर व्यक्ति को सकारात्मक बदलाव लाने के लिए खुद से शुरुआत करनी चाहिए।
नशा समाज को खोखला करता है: प्रभारी प्रधानाचार्य
प्रभारी प्रधानाचार्य प्रो. अरुण कुमार कर्ण ने कहा कि नशा युवाओं के भविष्य को बर्बाद कर देता है और समाज की नींव कमजोर करता है। छात्राओं का यह कदम समाज में बड़ा बदलाव लाने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
जागरूकता ही बचाव: वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ. सोनी सलोनी
सीनियर प्रोफेसर डॉ. सोनी सलोनी ने छात्राओं को नशा, ड्रग और नशा कारोबारियों से दूर रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है।
डिजिटल नशा भी बड़ा खतरा: प्रो. विजय कुमार गुप्ता
अर्थशास्त्र विभाग के प्रो. डॉ. विजय कुमार गुप्ता ने युवाओं को डिजिटल नशे के बढ़ते खतरे से सावधान किया। उन्होंने कहा कि आज के समय में मोबाइल गेमिंग, सोशल मीडिया एडिक्शन और डिजिटल ओवरयूज़ भी उतना ही नुकसानदायक है जितना कि शारीरिक नशा। इसलिए युवाओं को संयमित डिजिटल जीवन अपनाने की जरूरत है।
एनएसएस की ओर से कार्यक्रम का संचालन
कार्यक्रम का संचालन एनएसएस पदाधिकारी डॉ. रिंकी कुमारी ने सभी विभागाध्यक्षों के सहयोग से किया।
छात्राओं ने शपथ से संबंधित डिजिटल प्रमाण पत्र भी डाउनलोड किया।
कार्यक्रम में कई शिक्षक मौजूद रहे, जिनमें शामिल हैं—
डॉ. मधुलिका मिश्रा, डॉ. नेहा कुमारी जायसवाल, डॉ. सुरेश साह, डॉ. कुमारी अनु, डॉ. संगीता, डॉ. शालिनी, डॉ. रिंकी कुमारी, डॉ. मृत्युंजय कुमार ठाकुर, डॉ. रंजन कुमार, डॉ. नीरज प्रसाद, डॉ. स्वाति कुमारी, डॉ. लालिमा सिन्हा और डॉ. शाहनाज़ आरा।
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