समस्तीपुर-खगड़िया रेलवे रूट के दोहरीकरण (Doubling) की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। रेलवे मंत्रालय ने फाइनल लोकेशन सर्वे (FLS) को मंजूरी दे दी है। यह सर्वे आगे की योजना और बजट स्वीकृति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
3 महीनों में पूरा होगा सर्वे, खर्च होंगे करीब 2 करोड़
रेलवे के अधिकारियों के अनुसार:
- फाइनल लोकेशन सर्वे 3 महीने में पूरा होगा।
- सर्वे पर लगभग 2 करोड़ रुपए खर्च होंगे।
- इस परियोजना का लक्ष्य ट्रैक को इस लायक बनाना है कि ट्रेनें 130 kmph की रफ्तार से दौड़ सकें।
सर्वे का काम रेलवे के निर्माण विभाग को सौंपा गया है। जानकारी की पुष्टि रेलवे मंडल के मीडिया प्रभारी आर.के. सिंह ने की है।
सर्वे के बाद बनेगा डीपीआर (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट)
निर्माण विभाग के अधिकारियों ने बताया कि:
- सर्वे पूरा होते ही डीपीआर तैयार किया जाएगा।
- दोहरीकरण के साथ समस्तीपुर रेलवे यार्ड का भी जीर्णोद्धार होगा।
- इस रूट के सभी स्टेशनों के प्लेटफॉर्म को दोहरी लाइन के अनुसार अपग्रेड किया जाएगा।
- प्लेटफॉर्म की ऊंचाई बढ़ाई जाएगी ताकि यात्रियों को चढ़ने-उतरने में परेशानी न हो।
सर्वे के दौरान यह भी तय किया जाएगा कि दूसरी लाइन मौजूदा ट्रैक के दाईं ओर बनेगी या बाईं ओर।
दोहरीकरण से क्या होगा फायदा?
दोहरी लाइन बनने के बाद यात्रियों को कई बड़ी सुविधाएं मिलेंगी:
- क्रॉसिंग पर ट्रेनें नहीं अटकेंगी
- ट्रेनों की लेटलतीफी पर लगेगी रोक
- यात्री समय पर अपने गंतव्य तक पहुंच पाएंगे
- इस रूट पर ट्रेन संचालन अधिक सुचारू होगा
ध्यान रहे, बिहार विधानसभा चुनाव से पहले ही रेलवे मंत्रालय ने इस दोहरीकरण योजना को स्वीकृति प्रदान कर दी थी।
स्थानीय सांसद ने जताई खुशी
स्थानीय सांसद शांभवी चौधरी ने कहा कि उन्होंने लोकसभा में इस रूट के दोहरीकरण की मांग उठाई थी।
उनका कहना है—
“इस परियोजना के पूरा होने से इलाके में विकास तेज होगा। किसान अपना अनाज जल्द मार्केट तक पहुंचा पाएंगे, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति सुधरेगी।”
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