समस्तीपुर: दिल्ली में हुए दर्दनाक धमाके ने समस्तीपुर जिले के खानपुर प्रखंड के हसनपुर वार्ड नंबर 7 निवासी पंकज सहनी की जान ले ली।
पंकज अपनी दो छोटी बहनों की शादी की तैयारी में जुटा था। परिवार के लोग उसकी शादी के सपने देख रहे थे, लेकिन दिल्ली ब्लास्ट ने पूरा परिवार उजाड़ दिया।
💔 बहनों की शादी से पहले ही बुझ गया घर का चिराग
परिवार की मानें तो पंकज अपने पिता की टैक्सी चलाने में मदद करता था।
दिन-रात मेहनत कर रहा था ताकि अपनी दो छोटी बहनों की शादी अच्छे से कर सके।
पिता राम बालक सहनी दिल्ली में पिछले 25 साल से टैक्सी चलाते थे।
शाम को जब पिता घर लौटते, तब पंकज टैक्सी लेकर सवारी के लिए निकल जाता था।
परिवार ने बताया कि पंकज की शादी अभी नहीं हुई थी और पूरा परिवार उसी दिन का इंतजार कर रहा था।
लेकिन धमाके ने सब कुछ छीन लिया।
😭 “हमारा सब कुछ एक झटके में खत्म हो गया”
पंकज की चाची रूबी देवी ने रोते हुए बताया –
“सुबह हादसे की खबर मिली तो हमने जेठ को फोन किया। तब पता चला कि पंकज की मौत हो गई है। हमारे सारे सपने टूट गए। घर में सभी का रो-रोकर बुरा हाल है।”
उन्होंने बताया कि परिवार दिल्ली के उपकार विहार के पास घेबरा मोड़ में रहता था।
हादसे में पंकज की टैक्सी भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है, जो परिवार का मुख्य गुज़ारा चलाने का साधन थी।
🧑🤝🧑 तीन भाइयों में मंझला था पंकज
पंकज तीन भाइयों में मंझला था —
बड़ा भाई संजय कुमार सहनी,
छोटा भाई संजीव कुमार,
और तीन बहनें — सोनी, जुली और दीपा कुमारी।
बड़ी बहन सोनी की शादी पहले ही हो चुकी है, जबकि जुली और दीपा की शादी की तैयारी चल रही थी।
तीन साल पहले बड़े भाई की शादी में पंकज आखिरी बार गांव आया था।
उसके बाद वह लगातार दिल्ली में ही रह रहा था।
🕯️ दिल्ली में ही होने की उम्मीद अंतिम संस्कार की
परिवार का कहना है कि पंकज का अंतिम संस्कार दिल्ली में ही किया जाएगा।
परिजन का कहना है कि जेठ राम बालक सहनी ने अभी दिल्ली से लौटने की कोई जानकारी नहीं दी है।
गांव के लोग भी शोक में डूबे हैं और लगातार परिजनों को सांत्वना देने पहुंच रहे हैं।
🙏 गांव में पसरा मातम, लोग कर रहे न्याय की मांग
खबर मिलते ही पंकज के पैतृक आवास पर गांव के लोग और शुभचिंतक लगातार पहुंचते रहे।
स्थानीय मुखिया संजय कुमार चौधरी समेत कई जनप्रतिनिधि पहुंचे और परिवार को ढांढस बंधाया।
गांव में मातम का माहौल है और सभी ने सरकार से सख्त कार्रवाई और पीड़ित परिवार को सहायता देने की मांग की है।
📌 निष्कर्ष
दिल्ली ब्लास्ट में समस्तीपुर के युवा पंकज सहनी की मौत ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है।
जो बेटा अपनी बहनों की शादी के लिए मेहनत कर रहा था, अब वही परिवार को अंधेरे में छोड़ गया।
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