📍 समस्तीपुर से बड़ी खबर
समस्तीपुर रेलवे स्टेशन से बाल तस्करी का बड़ा मामला सामने आया है।
शुक्रवार को आरपीएफ और जीआरपी की संयुक्त कार्रवाई में 8 बाल श्रमिकों को मुक्त कराया गया, जिन्हें असम के दीमापुर ले जाकर मजदूरी कराने की योजना थी।
यह कार्रवाई प्रयास संस्था की गुप्त सूचना के आधार पर की गई।
👮 संयुक्त टीम ने की छापेमारी
जानकारी के अनुसार, प्रयास संस्था के रेस्क्यू प्रभारी सोनेलाल ठाकुर को सूचना मिली थी कि कुछ बच्चों को ट्रेन के जरिए असम भेजा जा रहा है ताकि उनसे बाल मजदूरी कराई जा सके।
सूचना के बाद संस्था की टीम ने आरपीएफ और जीआरपी के साथ प्लेटफॉर्म संख्या-4 पर छापेमारी की।
छापेमारी के दौरान 8 बच्चों को सकुशल बरामद किया गया, जबकि तस्कर मौके से फरार हो गया।
👦 10 से 12 साल के हैं सभी बच्चे
बरामद सभी बच्चों की उम्र 10 से 12 साल के बीच बताई गई है।
इनमें से छह बच्चे वैशाली जिले के, एक मुजफ्फरपुर और एक समस्तीपुर जिले का रहने वाला है।
सभी बच्चों की मेडिकल जांच कराई गई है और उन्हें सुरक्षित स्थान पर रखा गया है।
⚖️ बाल कल्याण समिति को सौंपे जाएंगे बच्चे
रेस्क्यू प्रभारी सोनेलाल ठाकुर ने बताया कि सभी बच्चों को बाल कल्याण समिति (CWC) के समक्ष पेश किया जाएगा।
“परिजनों को सूचना दे दी गई है। उनके आने पर कानूनी प्रक्रिया पूरी कर बच्चों को सौंप दिया जाएगा,”
उन्होंने कहा।
📜 कानूनी कार्रवाई जारी
इस मामले में बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध और विनियमन) अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज करने की प्रक्रिया चल रही है।
पुलिस फरार तस्कर की तलाश कर रही है और जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
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