विद्यापतिनगर में ‘सुरक्षित शनिवार’ कार्यक्रम आयोजित | छात्रों को सिखाया गया आपदा से बचाव का तरीका
समस्तीपुर के विद्यापतिनगर प्रखंड के मऊ वाजिदपुर दक्षिण स्थित विद्यापति प्लस टू स्कूल में शनिवार को ‘सुरक्षित शनिवार’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान विद्यार्थियों को प्राकृतिक और मानव जनित आपदाओं से बचाव की जानकारी दी गई।
🏫 विद्यालय में आयोजित हुआ ‘सुरक्षित शनिवार’ कार्यक्रम
समस्तीपुर जिले के विद्यापतिनगर प्रखंड मुख्यालय स्थित विद्यापति प्लस टू स्कूल मऊ वाजिदपुर दक्षिण में शनिवार को शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार ‘सुरक्षित शनिवार’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों को भूकंप, आग, बाढ़ और अन्य आपदाओं से सुरक्षित रहने के उपायों के बारे में बताया गया।
👩🏫 विद्यार्थियों को दी गई आपदा प्रबंधन की जानकारी
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को बताया गया कि आपदा की स्थिति में स्वयं को कैसे सुरक्षित रखें और दूसरों की मदद कैसे करें।
शिक्षकों ने बच्चों को आपातकालीन स्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया और प्राथमिक उपचार (First Aid) के महत्व पर विस्तार से जानकारी दी।
इसका उद्देश्य छात्रों में आपदा प्रबंधन और सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।
🗣️ प्रभारी प्रधानाध्यापक ने बताया कार्यक्रम का महत्व
विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक अमित भूषण ने कहा कि विभागीय निर्देश के अनुसार हर शनिवार को विद्यालय स्तर पर ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि इन कार्यक्रमों से बच्चों में न सिर्फ सामाजिक दायित्व की भावना विकसित होती है, बल्कि वे आपदा की स्थिति में शांत और सजग रहने का तरीका भी सीखते हैं।
⚠️ त्योहारों के समय आपदा से बचाव पर दी गई विशेष जानकारी
अमित भूषण ने आगे कहा कि त्योहारों के दौरान कई बार आगजनी या दुर्घटना जैसी आपदा की स्थिति उत्पन्न हो जाती है।
ऐसे में अगर बच्चों को सुरक्षा उपायों और प्राथमिक बचाव तरीकों की जानकारी हो, तो जान-माल की क्षति को काफी हद तक रोका जा सकता है।
उन्होंने छात्रों को विभिन्न आपदाओं जैसे आग, बाढ़, भूकंप और बिजली गिरने से बचाव के सरल तरीके भी समझाए।
📌 निष्कर्ष
विद्यापतिनगर में आयोजित यह ‘सुरक्षित शनिवार’ कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए बेहद उपयोगी साबित हुआ।
ऐसे कार्यक्रमों से छात्रों में सुरक्षा जागरूकता, सामाजिक जिम्मेदारी और आपदा से निपटने की क्षमता विकसित होती है, जो भविष्य में उन्हें आत्मनिर्भर और सतर्क नागरिक बनने में मदद करेगी।
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