दरभंगा-सीतामढ़ी रेलखंड दोहरीकरण 900 दिनों में पूरा होगा, 518 करोड़ रुपये होंगे खर्च
समस्तीपुर। दरभंगा-सीतामढ़ी रेलखंड के दोहरीकरण का काम जल्द शुरू होने वाला है। इस परियोजना पर 518 करोड़ रुपये की लागत आएगी और इसे 900 दिनों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
इस योजना के तहत नए प्लेटफार्म, फुट ओवरब्रिज, सर्कुलेटिंग एरिया, सर्विस बिल्डिंग, माल गोदाम, मुख्य पुल और छोटे पुलों का निर्माण किया जाएगा।
🏗️ टेंडर प्रक्रिया और परियोजना की समयसीमा
पूर्व मध्य रेल द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, टेंडर प्रक्रिया पूरी करने की अंतिम तिथि 22 जनवरी तय की गई है।
दोहरीकरण के बाद इस रूट पर ट्रेनों की संख्या बढ़ेगी, यात्रा का समय घटेगा और रेल यातायात सुगम होगा।
🚉 यात्रियों को मिलेगा सीधा लाभ
दरभंगा-सीतामढ़ी रेलखंड के दोहरीकरण से यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी।
इससे ट्रेनों का संचालन और तेज़ व सुचारू होगा, जिससे लेटलतीफी की समस्या कम होगी।
साथ ही, भीड़भाड़ वाले समय में भी अधिक ट्रेनों का संचालन संभव हो सकेगा।
🌏 नेपाल और उत्तर-पूर्व भारत से मजबूत होगी कनेक्टिविटी
दोहरीकरण के बाद यह रेलखंड नेपाल और उत्तर-पूर्व भारत से जुड़ाव को और मजबूत करेगा।
इससे सीमा पार व्यापार और यातायात दोनों में सुधार होगा।
पूर्वोत्तर राज्यों के लिए चलने वाली कई ट्रेनों को अब अधिक सुगमता से चलाया जा सकेगा।
💼 औद्योगिक और आर्थिक विकास को मिलेगा बल
इस परियोजना से औद्योगिक और आर्थिक विकास में तेजी आने की उम्मीद है।
मालगाड़ियों की आवाजाही आसान होगी, जिससे उद्योगों और व्यापार को सीधा फायदा मिलेगा।
इसके साथ ही, निर्माण कार्य के दौरान स्थानीय मजदूरों और तकनीकी कर्मियों को रोजगार भी मिलेगा।
निर्माण कार्य में लगने वाली सामग्री की खरीद-बिक्री से स्थानीय बाजारों में आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी।
🗣️ आधिकारिक बयान
पूर्व मध्य रेल के सीपीआरओ सरस्वती चंद्र ने बताया कि
“518 करोड़ रुपये की लागत से दरभंगा-सीतामढ़ी रेलखंड का दोहरीकरण तय समय में पूरा कर लिया जाएगा। इसके पूरा होते ही इस मार्ग पर ट्रेनों की गति, आवागमन और परिचालन की दक्षता में वृद्धि होगी।”
📊 मुख्य बिंदु (Highlights)
- कुल लागत: 518 करोड़ रुपये
- पूरा होने की समयसीमा: 900 दिन
- अंतिम टेंडर तिथि: 22 जनवरी
- नया निर्माण: प्लेटफार्म, पुल, माल गोदाम, सर्विस बिल्डिंग आदि
- लाभ: बेहतर कनेक्टिविटी, समय की बचत, रोजगार सृजन
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