समस्तीपुर जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ ‘बच्चा चोर’ होने के महज शक में उग्र ग्रामीणों ने एक बेकसूर महिला की जमकर पिटाई कर दी। यह घटना केवश निजामत गांव की है, जहाँ भीड़ ने कानून को अपने हाथ में लेने की कोशिश की। अगर समय रहते कुछ स्थानीय लोग हस्तक्षेप न करते, तो कोई बड़ा हादसा हो सकता था।
बाइक सवार से लिफ्ट मांगना पड़ा भारी
पीड़ित महिला, जो विभूतिपुर थाना क्षेत्र के नरहन गांव की रहने वाली बताई जा रही है, ने पुलिस को अपनी आपबीती सुनाई। महिला के अनुसार, वह पैदल ही समस्तीपुर जा रही थी क्योंकि उसे कोई सवारी गाड़ी नहीं मिल रही थी। रास्ते में उसे एक बाइक सवार युवक मिला, जिसके पास एक छोटा बच्चा भी था। महिला ने उससे लिफ्ट मांगी और उसकी बाइक पर बैठ गई।
लख्खी चौक के पास पहुँचने पर महिला को युवक का व्यवहार ठीक नहीं लगा, जिसके बाद वह बाइक से उतर गई और पैदल चलने लगी। लेकिन जैसे ही वह कुछ दूर आगे बढ़ी, उस युवक ने शोर मचाना शुरू कर दिया और चिल्लाने लगा कि “यह महिला बच्चा चोर है”।
भीड़ का कहर और महिला की गुहार
युवक के चिल्लाने पर आसपास के ग्रामीण इकट्ठा हो गए। शोर सुनकर महिला डर गई और भागने लगी, जिसे देखकर ग्रामीणों का शक और गहरा हो गया। लोगों ने उसे चारों तरफ से घेर लिया और बिना कुछ पूछे या सच्चाई जाने उस पर हमला कर दिया। महिला रोती-बिलखती रही और खुद को बेगुनाह बताती रही, लेकिन भीड़ ने उसकी एक न सुनी। इसी हंगामे के बीच वह बाइक सवार युवक, जिसने अफवाह फैलाई थी, मौके से फरार हो गया।
गांव के ही कुछ समझदार लोगों ने जब देखा कि मामला बिगड़ रहा है, तो उन्होंने महिला को बचाकर एक कमरे में बंद कर दिया और तुरंत पुलिस को सूचना दी।
पुलिस की कार्रवाई और महिला की स्थिति
सूचना मिलते ही मुफस्सिल थानाध्यक्ष अजीत कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुँचे और महिला को उग्र भीड़ के चंगुल से छुड़ाया। पुलिस महिला को सुरक्षा के मद्देनजर थाने ले आई है। थानाध्यक्ष ने बताया कि शुरुआती जांच और पूछताछ में महिला मानसिक रूप से थोड़ी अस्वस्थ (बीमार) लग रही है।
पुलिस ने महिला के परिजनों को घटना की जानकारी दे दी है। परिजनों के थाने पहुँचने के बाद कागजी कार्रवाई पूरी कर महिला को उन्हें सौंप दिया जाएगा। पुलिस अब उस फरार बाइक सवार की तलाश कर रही है जिसने यह झूठी अफवाह फैलाई थी।
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