समस्तीपुर। बिहार के समस्तीपुर जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां प्यार, शादी और धोखे की दास्तान अब महिला आयोग तक पहुंच गई है। जिले के भादोघाट गांव में एक युवती पिछले चार महीनों से एक युवक के घर के दरवाजे पर धरना देकर बैठी है। युवती का साफ कहना है कि जब तक उसे पत्नी का दर्जा नहीं मिलता, वह वहां से नहीं हटेगी, चाहे उसकी जान ही क्यों न चली जाए। दूसरी तरफ, युवक और उसका परिवार इसे एक गहरी राजनीतिक साजिश बता रहे हैं।
जानिए क्या है पूरा मामला: कोचिंग से शुरू हुई थी कहानी
मामले की शुरुआत करीब दो साल पहले समस्तीपुर शहर की एक कोचिंग क्लास से हुई थी। भादोघाट निवासी सुनील कुमार वहां प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करता था। उसी कोचिंग में विभूतिपुर पटपारा गांव की रहने वाली कविता कुमारी भी पढ़ती थी।
सुनील के अनुसार, कविता पहले से शादीशुदा थी और अपने पति से मिले धोखे के कारण मानसिक रूप से परेशान थी। सुनील का दावा है कि एक दिन कविता बूढ़ी गंडक नदी में कूदकर जान देने जा रही थी, तब उसने इंसानियत के नाते कोचिंग के अन्य लोगों के साथ मिलकर उसे बचाया था। सुनील का कहना है कि उसने सिर्फ मदद की थी, लेकिन अब उसे फंसाया जा रहा है।
युवती का आरोप: “देवघर में की थी शादी, अब सबूत मिटाकर भागा”
वहीं, दूसरी ओर युवती कविता कुमारी की कहानी बिल्कुल अलग है। कविता का कहना है कि जब सुनील ने उसकी जान बचाई और उसे सहारा दिया, तो वह धीरे-धीरे उसके करीब आ गई। कविता के मुताबिक, दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और वे पति-पत्नी की तरह साथ रहने लगे।
कविता का आरोप है कि सुनील उसे देवघर ले गया था और वहां मंदिर में उससे शादी की थी। उसने यह भी बताया कि सुनील उसे अपने घर ले जाने से यह कहकर मना करता रहा कि माता-पिता अभी तैयार नहीं हैं। कविता का गंभीर आरोप है कि एक दिन मौका पाकर सुनील ने उसके मोबाइल से शादी के सारे फोटो और वीडियो डिलीट कर दिए और उसे छोड़कर फरार हो गया। अब वह न्याय के लिए सुनील के घर के बाहर ही जान देने की बात कह रही है।
युवक ने कहा- “राजनीतिक द्वेष के कारण पूरा परिवार प्रताड़ित”
शुक्रवार को सुनील कुमार अपनी मां मंजू देवी के साथ बिहार महिला आयोग की अध्यक्ष अप्सरा मिश्रा के पास पहुंचा और अपनी सुरक्षा की गुहार लगाई। सुनील ने आयोग को बताया कि 27 अक्टूबर 2025 से यह महिला जबरन उसके दरवाजे पर बैठी है।
सुनील की मां मंजू देवी, जो पहले सरपंच पद का चुनाव लड़ चुकी हैं, उनका कहना है कि यह सब गांव की राजनीति के कारण हो रहा है। विरोधियों ने जानबूझकर उस महिला को उनके दरवाजे पर बिठाया है ताकि उनकी छवि खराब की जा सके। परिवार का कहना है कि रात के समय घर के बाहर असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है, जिससे उनका पूरा परिवार डर के साये में जीने को मजबूर है।
महिला आयोग ने लिया संज्ञान, नोटिस जारी
इस पूरे हाई-वोल्टेज ड्रामे पर बिहार महिला आयोग की अध्यक्ष अप्सरा मिश्रा ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने बताया कि पहले युवक अकेले आया था, लेकिन आयोग में केवल महिलाओं की शिकायत सुनी जाती है, इसलिए बाद में वह अपनी मां के साथ पहुंचा।
मामले की गंभीरता को देखते हुए महिला आयोग ने महिला थानाध्यक्ष को नोटिस जारी किया है और कविता कुमारी को आयोग के समक्ष पेश करने का निर्देश दिया है। आयोग का कहना है कि दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और सबूतों की जांच के बाद ही कोई अंतिम फैसला लिया जाएगा। फिलहाल, भादोघाट गांव में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।
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