समस्तीपुर: बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा आयोजित मैट्रिक (कक्षा 10वीं) की बोर्ड परीक्षा आज, 17 फरवरी 2026 से शुरू हो रही है। समस्तीपुर जिले में इस परीक्षा को लेकर प्रशासन ने अपनी सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। जिले भर में कुल 78 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहाँ कड़ी सुरक्षा और प्रशासनिक निगरानी के बीच छात्र अपनी परीक्षा देंगे। यह परीक्षा आगामी 25 फरवरी तक दो पालियों (Two Shifts) में संचालित की जाएगी।
73 हजार से ज्यादा परीक्षार्थी दिखाएंगे अपना दम
इस वर्ष समस्तीपुर जिले में मैट्रिक की परीक्षा में शामिल होने वाले छात्र-छात्राओं की संख्या काफी अधिक है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, जिले के विभिन्न केंद्रों पर कुल 73,438 परीक्षार्थी परीक्षा में बैठेंगे। शांतिपूर्ण और कदाचारमुक्त (Cheating-free) परीक्षा संपन्न कराने के लिए शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन ने कमर कस ली है।
एंट्री के नियम: देरी की तो नहीं मिलेगा प्रवेश
परीक्षा केंद्र पर प्रवेश को लेकर इस बार नियम काफी सख्त हैं। सभी परीक्षार्थियों को समय का विशेष ध्यान रखना होगा:
- पहली पाली (First Shift): सुबह 9:30 बजे से परीक्षा शुरू होगी, लेकिन परीक्षार्थियों को आधा घंटा पहले यानी 9:00 बजे तक ही केंद्र के अंदर प्रवेश दिया जाएगा।
- दूसरी पाली (Second Shift): दोपहर 2:00 बजे से परीक्षा शुरू होगी, जिसके लिए 1:30 बजे तक ही एंट्री मिलेगी।
सावधान: निर्धारित समय बीत जाने के बाद किसी भी परिस्थिति में छात्र को केंद्र के अंदर जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। यदि कोई जबरदस्ती प्रवेश करने की कोशिश करता है या दबाव बनाता है, तो प्रशासन द्वारा उनके खिलाफ FIR भी दर्ज कराई जा सकती है।
जूते-मोजे पहनकर आने पर पाबंदी, केवल चप्पल की अनुमति
नकल रोकने और सुरक्षा के लिहाज से प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि परीक्षार्थी केवल चप्पल पहनकर ही परीक्षा केंद्र पर आ सकते हैं। जूते-मोजे पहनकर आने वाले छात्रों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इसके अलावा, छात्र अपने साथ केवल एडमिट कार्ड और फोटोयुक्त पहचान पत्र (ID Proof) ही ले जा सकते हैं। किसी भी प्रकार का कागजात, मोबाइल, स्मार्ट वॉच या अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस ले जाना पूरी तरह प्रतिबंधित है।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम: मजिस्ट्रेट और पुलिस बल तैनात
कदाचारमुक्त परीक्षा के लिए जिले को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। केंद्रों पर स्टेटिक मजिस्ट्रेट, पुलिस अधिकारी, सुपर जोनल मजिस्ट्रेट और जोनल मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई है। इसके अलावा भारी संख्या में पुलिस बल और मोबाइल मजिस्ट्रेट भी गश्त करेंगे।
- जांच प्रक्रिया: केंद्र के मुख्य द्वार पर और फिर परीक्षा हॉल के अंदर भी सघन तलाशी ली जाएगी। इसकी जिम्मेदारी केंद्राधीक्षकों और वहां मौजूद मजिस्ट्रेट को दी गई है।
- कंट्रोल रूम: पूरी परीक्षा पर नजर रखने के लिए जिला स्तर पर एक मुख्य कंट्रोल रूम और हर अनुमंडल में अलग-अलग अनुमंडल कंट्रोल रूम बनाए गए हैं।
बुनियादी सुविधाओं का लिया गया जायजा
परीक्षा शुरू होने से एक दिन पहले सोमवार को जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) कार्यालय द्वारा सभी केंद्रों की समीक्षा की गई। केंद्रों पर पीने के पानी, रोशनी और बैठने की व्यवस्था (सीट प्लान) को अंतिम रूप दिया गया। सभी वीक्षकों (Invigilators) के योगदान और उनकी ड्यूटी लिस्ट भी तैयार कर ली गई है ताकि परीक्षा के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।
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