समस्तीपुर: बिहार राज्य उद्यमी एवं व्यवसायी आयोग के उपाध्यक्ष अरविंद कुमार निराला गुरुवार को समस्तीपुर पहुंचे। यहाँ उन्होंने सर्किट हाउस (परिषदन) में पत्रकारों और स्थानीय कारोबारियों को संबोधित करते हुए बिहार के औद्योगिक विकास को लेकर सरकार की बड़ी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि अब बिहार के मजदूरों को काम के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा, क्योंकि बिहार में गुजरात की तर्ज पर फैक्ट्रियां और उद्योग विकसित किए जा रहे हैं।
₹1 में 10 एकड़ जमीन: बड़े निवेशकों के लिए सरकार का बड़ा ऑफर
अरविंद कुमार निराला ने बताया कि बिहार सरकार राज्य में भारी निवेश लाने के लिए उद्यमियों को विशेष सुविधाएं दे रही है। उन्होंने कहा कि जो भी उद्योगपति बिहार में 100 करोड़ रुपये या उससे अधिक का निवेश करेंगे, उन्हें सरकार मात्र 1 रुपये में 10 एकड़ जमीन उपलब्ध करा रही है। इस नीति का उद्देश्य बड़े उद्योगों को बिहार की तरफ आकर्षित करना है ताकि स्थानीय स्तर पर रोजगार के हजारों नए अवसर पैदा हो सकें और पलायन पर पूरी तरह रोक लग सके।
छोटे उद्योगों को जिला उद्योग केंद्र से मिल रहा है भरपूर सहयोग
बड़े उद्योगों के साथ-साथ छोटे और मध्यम वर्ग के कारोबारियों के लिए भी सरकार ने खजाना खोल दिया है। उपाध्यक्ष ने जानकारी दी कि जिला उद्योग केंद्र के माध्यम से छोटे कारोबारियों को आसान किस्तों पर लोन दिया जा रहा है। इसका मकसद आम लोगों को आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अब बिहार का युवा नौकरी मांगने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला बन रहा है।
2005 के बाद बदला बिहार: 24 घंटे बिजली और सड़कों का जाल
नीतीश सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए निराला ने कहा कि 2005 से पहले बिहार में सब कुछ खत्म हो चुका था। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ‘विश्वकर्मा’ की तरह बिहार को सींचने का काम किया है। उन्होंने कहा कि:
- आज बिहार के हर कोने में लोगों को 24 घंटे बिजली मिल रही है।
- सड़कों का ऐसा जाल बिछाया गया है कि राज्य के किसी भी जिले से मात्र 5 घंटे में राजधानी पटना पहुंचा जा सकता है।
- बेहतर कनेक्टिविटी और बुनियादी सुविधाओं की वजह से अब दूसरे राज्यों और विदेशों के निवेशक भी बिहार में पैसा लगाने से नहीं हिचक रहे हैं।
कुटीर उद्योग और महिला सशक्तिकरण पर विशेष जोर
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए सरकार कुटीर उद्योगों को बढ़ावा दे रही है। कम जगह और घर के अंदर शुरू होने वाले कारोबारों के लिए विशेष प्रशिक्षण (Training) दिया जा रहा है।
- उपेंद्र महारथी शिल्प अनुसंधान संस्थान: इस संस्थान के जरिए छोटे कारीगरों को न सिर्फ ट्रेनिंग दी जा रही है, बल्कि उनके उत्पादों के लिए बाजार (Market) भी उपलब्ध कराया जा रहा है।
- महिलाओं की आमदनी: इस पहल से सबसे ज्यादा फायदा महिलाओं को हो रहा है। महिलाएं घर बैठे घरेलू सामान बनाकर हर महीने 15 से 20 हजार रुपये तक कमा रही हैं, जिससे वे आर्थिक रूप से स्वतंत्र हो रही हैं।
समस्तीपुर में हुआ भव्य स्वागत
उपाध्यक्ष के समस्तीपुर पहुंचने पर स्थानीय व्यापारियों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। मिथिला की परंपरा के अनुसार उन्हें अंगवस्त्र और माला पहनाकर सम्मानित किया गया। इस मौके पर प्रदीप साह शिवे (भाजपा नेता), बिन्द साह (जदयू व्यवसायी प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष), सुजीत कुमार (जदयू नगर अध्यक्ष), छेदी लाल भारतीया, डॉ. अमित कुमार मुन्ना, राकेश कुमार राज, धर्मेंद्र पोद्दार और कालू घोष सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
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