समस्तीपुर: समस्तीपुर रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ और जीआरपी की सतर्कता से एक बड़ी साजिश नाकाम हो गई है। स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या एक पर चलाए गए विशेष अभियान ‘ऑपरेशन आहट’ के दौरान सात मासूम नाबालिग बच्चों को मानव तस्करों के चंगुल से सुरक्षित छुड़ा लिया गया है। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने एक शातिर मानव तस्कर को भी दबोचने में सफलता हासिल की है।
प्लेटफ़ॉर्म नंबर 1 पर मुसाफिर खाने के पास डरे-सहमे मिले बच्चे
मिली जानकारी के अनुसार, आरपीएफ के एएसआई शशिकांत तिवारी, सीटी विनय कुमार, सीआईबी के सहायक उपनिरीक्षक आकाश रंजन, जीआरपी के गौरव कुमार और एभीए के सहायक परियोजना अधिकारी शिव पूजन कुमार की एक संयुक्त टीम स्टेशन परिसर में गश्त कर रही थी। यह टीम मानव तस्करी और अन्य आपराधिक गतिविधियों पर नजर रखने के लिए तैनात थी।
तभी टीम की नजर प्लेटफॉर्म संख्या एक पर स्थित मुसाफिर खाने के पास बैठी कुछ संदिग्ध हलचल पर पड़ी। वहां कुछ छोटे बच्चे बेहद डरे और सहमे हुए बैठे थे। बच्चों की हालत देखकर सुरक्षा बल के जवानों को संदेह हुआ और उन्होंने उनसे पूछताछ शुरू की।
मजदूरी कराने के लिए जालंधर ले जाने की थी तैयारी
जब सुरक्षा टीम ने बच्चों से प्यार से पूछताछ की, तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ। बच्चों ने बताया कि उन्हें पंजाब के जालंधर ले जाया जा रहा था, जहाँ उनसे आलू के खेतों में मजदूरी कराई जानी थी। तस्करों ने इन मासूमों को बहला-फुसलाकर मजदूरी के दलदल में धकेलने की पूरी योजना बना ली थी।
इसी बीच, पुलिस को अपनी ओर आता देख एक व्यक्ति वहां से भागने की कोशिश करने लगा, जिसे मुस्तैद जवानों ने दौड़ाकर पकड़ लिया। तलाशी और पूछताछ के बाद स्पष्ट हो गया कि वही व्यक्ति इन बच्चों को लेकर जा रहा था।
मधेपुरा के रहने वाले हैं सभी बच्चे, तस्कर की हुई पहचान
रेस्क्यू किए गए सातों बच्चों को तुरंत आरपीएफ पोस्ट लाया गया, जहाँ उन्हें खाना-पानी दिया गया और उनकी काउंसलिंग की गई। बचाए गए बच्चों की पहचान इस प्रकार है:
- मौसम कुमार
- पवन कुमार
- बादल कुमार
- बबलू कुमार
- अभिनंदन कुमार
- पंकज कुमार
- आशीष कुमार
ये सभी बच्चे बिहार के मधेपुरा जिले के रहने वाले बताए जा रहे हैं। वहीं, गिरफ्तार किए गए मानव तस्कर की पहचान राजीव कुमार के रूप में हुई है, जो मधेपुरा (सहरसा सीमा) का निवासी है।
जीआरपी को सौंपा गया मामला, आगे की जांच जारी
आरपीएफ ने रेस्क्यू किए गए सभी सात नाबालिगों और गिरफ्तार तस्कर राजीव कुमार को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए जीआरपी थाना समस्तीपुर को सौंप दिया है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस गिरोह में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और क्या पहले भी इस तरह बच्चों को बाहर भेजा गया है।
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