समस्तीपुर जिले के विद्यार्थियों ने एक बार फिर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। हाल ही में जारी हुए देश की सबसे प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा JEE Mains के परिणाम में समस्तीपुर के 11 बच्चों ने शानदार बाजी मारी है। इन छात्रों की सफलता की खबर मिलते ही पूरे शहर में खुशी की लहर दौड़ गई है। विशेष रूप से 5 छात्रों ने 97% से भी अधिक अंक प्राप्त कर अपनी मेहनत को साबित किया है।
आतिशबाजी और अबीर-गुलाल के साथ मनाया गया जीत का जश्न
जैसे ही रिजल्ट की घोषणा हुई, सफल छात्रों के सहपाठियों और परिवार के सदस्यों के बीच खुशी का ठिकाना नहीं रहा। शहर के प्रमुख शिक्षण संस्थान ‘शिक्षा वाटिका’ में इस उपलक्ष्य में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यहाँ सफल छात्रों का स्वागत फूलों की माला पहनाकर किया गया और केक काटकर खुशियां मनाई गईं। छात्रों ने एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाया और संस्थान परिसर के बाहर जमकर आतिशबाजी की गई। ढोल-नगाड़ों और पटाखों की गूंज के बीच पूरा माहौल उत्सव जैसा नजर आया।
सफलता का मूल मंत्र: मेहनत, मार्गदर्शन और सोशल मीडिया से दूरी
इस परीक्षा में 99.2% अंक लाकर जिले का मान बढ़ाने वाले पीयूष कुमार ने अपनी सफलता के पीछे के गहरे राज खोले। पीयूष ने बताया कि इस बड़ी कामयाबी के पीछे उनके शिक्षकों की कड़ी मेहनत और माता-पिता का सही मार्गदर्शन रहा है।
पीयूष की सफलता की सबसे बड़ी बात यह रही कि तैयारी के दौरान वह सोशल मीडिया से पूरी तरह दूर रहे। आज के दौर में जहाँ युवा फेसबुक और इंस्टाग्राम पर घंटों बिताते हैं, पीयूष का इन प्लेटफॉर्म्स पर अकाउंट तक नहीं है। हालांकि, उन्होंने यह जरूर माना कि यूट्यूब ने उनकी पढ़ाई में बहुत मदद की। जब भी उन्हें किसी टॉपिक में संदेह (डाउट) होता था, तो वह यूट्यूब के जरिए उसे स्पष्ट करते थे।
हिंदी मीडियम के छात्र रंजीत ने पेश की मिसाल: ‘इच्छाशक्ति हो तो कुछ भी संभव’
एक और प्रेरणादायक कहानी रंजीत कुमार की है, जिन्होंने 97.05% अंक हासिल किए हैं। रंजीत ने अपनी मैट्रिक (10वीं) की परीक्षा हिंदी मीडियम से पास की थी। बहुत से छात्र हिंदी मीडियम से होने के कारण इंजीनियरिंग की तैयारी (जो अक्सर इंग्लिश में होती है) से डरते हैं, लेकिन रंजीत ने इसे चुनौती के रूप में लिया।
रंजीत का कहना है कि हिंदी मीडियम से आकर इंग्लिश मीडियम की तैयारी करना केवल आपकी इच्छाशक्ति पर निर्भर करता है। अगर आप ठान लें, तो दुनिया में कोई भी काम नामुमकिन नहीं है। उन्होंने बिहार बोर्ड के छात्रों को संदेश दिया कि कड़ी मेहनत के बल पर भाषा की दीवार को तोड़ा जा सकता है।
संस्थान के डायरेक्टर ने दी बधाई
संस्थान के डायरेक्टर नरेंद्र कुमार ने इस मौके पर कहा कि बच्चों की यह सफलता उनके स्वयं के कठिन परिश्रम और अभिभावकों के त्याग का परिणाम है। शिक्षकों ने केवल रास्ता दिखाया, लेकिन उस पर चलकर मंजिल तक पहुंचना इन बच्चों की अपनी मेहनत है।
समस्तीपुर के ये हैं चमकते सितारे (Top Scorers List)
95% से अधिक अंक लाने वाले प्रमुख छात्रों की सूची नीचे दी गई है:
| छात्र का नाम | प्राप्त प्रतिशत (Percentile) |
| पीयूष कुमार | 99.2% |
| एमन शम्सी | 97.54% |
| सुगम गौतम | 97.4% |
| अमन कुमार | 97.31% |
| रंजीत कुमार | 97.05% |
इनके अलावा अन्य छात्रों ने भी 90% से 95% के बीच अंक लाकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया है। इस सफलता ने समस्तीपुर के अन्य छात्रों के लिए भी प्रेरणा का काम किया है।
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