समस्तीपुर जिले में साइबर पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। जिले के जहांगीरपुर निवासी संजय कुमार दास से दो साल पहले निवेश के नाम पर 5 लाख रुपए की ठगी हुई थी। लंबे अनुसंधान के बाद साइबर पुलिस ने पीड़ित परिवार को ढाई लाख रुपए वापस दिलवाए हैं। वहीं, एक अन्य पीड़ित परिवार को 5 हजार रुपए की राशि वापस कराई गई है।
🕵️♂️ क्या है पूरा मामला
जानकारी के अनुसार, मधु टोल जहांगीरपुर निवासी संजय कुमार दास ने वर्ष 2023 में “एचसीएफ कंपनी” के एक विज्ञापन को देखकर उसमें निवेश किया था। कंपनी ने अधिक मुनाफे का वादा किया था, जिसके झांसे में आकर उन्होंने 5 लाख रुपए का इन्वेस्टमेंट किया।
हालांकि, कई महीनों तक कोई रिटर्न नहीं मिला और धोखाधड़ी का एहसास होने पर उन्होंने 16 अक्टूबर 2023 को साइबर थाना समस्तीपुर में शिकायत दर्ज कराई। साथ ही उन्होंने नेशनल साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर (1930) पर भी इस मामले की जानकारी दी।
👮♀️ साइबर पुलिस की तत्परता से मिला न्याय
शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की। जांच में पता चला कि इसी कंपनी के खिलाफ बेगूसराय जिले के खोदावंदपुर निवासी बृजेश कुमार ने भी ठगी की शिकायत की थी।
लंबे अनुसंधान के बाद पुलिस ने कंपनी के बैंक अकाउंट्स को ट्रैक किया और रकम का कुछ हिस्सा बरामद किया। इसके बाद पुलिस ने दोनों पीड़ित परिवारों को उनकी राशि वापस कराई।
📞 ठगी के शिकार होने पर करें ये काम
साइबर डीएसपी अखिलेश कुमार ने बताया कि अगर किसी को लगता है कि वह साइबर फ्रॉड के शिकार हो गए हैं, तो तुरंत नेशनल साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पर जाकर शिकायत दर्ज करें।
उन्होंने कहा कि अगर शिकायत जल्दी दर्ज कराई जाती है, तो ठगी की राशि वापस मिलने की संभावना अधिक रहती है।
⚠️ लोगों के लिए चेतावनी
साइबर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी कंपनी में निवेश करने से पहले उसकी सच्चाई जांचें, और अधिक मुनाफे के लालच में न आएं। ऑनलाइन विज्ञापन देखकर पैसे ट्रांसफर करने से पहले कंपनी की वैधता अवश्य जांचें।
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