नेपाल में हिंसा से दहशत: बिहार लौटे लोगों ने सुनाई आपबीती, बोले- “मौत सामने से निकल गई”

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नेपाल में हिंसा से दहशत: बिहार लौटे लोगों ने सुनाई आपबीती, बोले- "मौत सामने से निकल गई"

नेपाल में हिंसा से दहशत: बिहार लौटे लोगों ने सुनाई आपबीती, बोले- "मौत सामने से निकल गई"

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नेपाल में भड़की हिंसा ने वहां मौजूद बिहार के लोगों में खौफ भर दिया है। आगजनी, पथराव और कर्फ्यू के बीच कई लोग जैसे-तैसे पैदल चलकर भारत लौटे। किसी ने 5 किलोमीटर तो किसी ने 15 किलोमीटर पैदल सफर किया। कई जगह गाड़ियां जलाई गईं, जिससे लोग दहशत में हैं।

बुजुर्ग दंपती बोले- लगा अब जिंदा नहीं बचेंगे

नेपाल से लौटे एक बुजुर्ग दंपती ने बताया, “हम दवा लेने नेपाल गए थे। तभी अचानक हिंसा शुरू हो गई। चारों तरफ आग लगी थी, पथराव हो रहा था। दो दिन तक घर में कैद रहे, लग रहा था कि कभी भी उपद्रवी हमला कर देंगे। मौत बगल से निकल गई, फिर भी किसी तरह भारत लौट पाए।”

बॉर्डर पर कड़ी निगरानी, ट्रकों की लगी लंबी लाइन

नेपाल हिंसा के बाद बिहार के 7 जिलों (प. चंपारण, पू. चंपारण, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, अररिया और किशनगंज) की सीमा सील कर दी गई है। केवल भारतीय नागरिकों को आईडी चेक करने के बाद प्रवेश दिया जा रहा है।
बॉर्डर पर ट्रकों की करीब 5 किलोमीटर लंबी लाइन लगी है और लगभग 10 हजार वाहन फंसे हुए हैं।

रक्सौल-बीरगंज बॉर्डर: “हमारी गाड़ी भी जला सकते थे”

मोहम्मद इसराही नामक शख्स ने बताया, “नेपाल में हालात बेहद भयावह हैं। विराटनगर से लौटते समय सड़कों पर टायर जलाए जा रहे थे। लग रहा था कि कभी भी हमारी गाड़ी को आग के हवाले कर देंगे। दो दिन बाद भारत लौटकर राहत मिली।”

सुपौल बॉर्डर: ऑटोवालों ने वसूला 2500 रुपए

सुपौल बॉर्डर से लौट रही एक महिला ने बताया कि नेपाल में बस-ऑटो नहीं चल रहे थे। मजबूरी में पैदल 10 किमी चलकर भारत पहुंचना पड़ा। वहीं, कई ऑटोवालों ने यात्रियों से 2500 रुपए तक किराया मांगा।

अररिया बॉर्डर: लोग घरों में कैद

अररिया के गुड्डू कुमार ने बताया, “सीमा सील होने के बाद लोग घरों में कैद हैं। गाड़ियां नहीं चल रही हैं और राशन-सामान लाना भी मुश्किल हो गया है।”

जयनगर बॉर्डर: दुकानों पर ताला, व्यापार ठप

जयनगर बॉर्डर की दुकानदार शिवानी बोलीं, “बाजार पूरी तरह ठप है। ग्राहक नहीं आ रहे हैं। भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है। जब तक हालात सामान्य नहीं होंगे, कारोबार सुधरना मुश्किल है।”

सीमा से जुड़े जिलों में कारोबार प्रभावित

भारत-नेपाल की 1,751 किलोमीटर लंबी सीमा में से 726 किलोमीटर बिहार से जुड़ी है। आम दिनों में गांव-गांव से लोग आते-जाते हैं, लेकिन हिंसा के कारण व्यापार और रोजमर्रा की जिंदगी दोनों प्रभावित हो गए हैं।

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