समस्तीपुर (मोहिउद्दीननगर): बिहार में पूर्ण शराबबंदी के बावजूद शराब माफियाओं के हौसले बुलंद हैं। ताजा मामला समस्तीपुर जिले के मोहिउद्दीननगर थाना क्षेत्र से सामने आया है, जहाँ अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंची पुलिस टीम को भारी विरोध का सामना करना पड़ा। छापेमारी के दौरान न सिर्फ पुलिस के साथ हाथापाई की गई, बल्कि ग्रामीण और धंधेबाज के समर्थक जबरन आरोपियों को पुलिस की गाड़ी से छुड़ाकर भागने में सफल रहे।
डुमैनी गांव में छापेमारी के दौरान हुआ हाई वोल्टेज ड्रामा
पूरी घटना शुक्रवार की देर शाम की बताई जा रही है। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि कल्याणपुर बस्ती पश्चिम पंचायत के डुमैनी गांव में बड़े पैमाने पर ‘मुंहफोरवा’ देसी शराब का निर्माण और बिक्री की जा रही है। इसी सटीक सूचना के आधार पर एलटीएफ (LTF) पटोरी के प्रभारी अफरोज आलम के नेतृत्व में पुलिस बल ने डुमैनी गांव में दबिश दी।
पुलिस ने मौके पर कार्रवाई करते हुए अवैध शराब के साथ ओमप्रकाश पासवान और हरेंद्र पासवान को रंगे हाथ धर दबोचा। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जैसे ही अपने वाहन में बिठाया, तभी वहां मौजूद धंधेबाजों के समर्थकों और परिजनों ने पुलिस टीम को घेर लिया। देखते ही देखते स्थिति बिगड़ गई और लोगों ने पुलिस के साथ हाथापाई शुरू कर दी।
पुलिस वाहन से आरोपियों को छुड़ा ले गए लोग, पथराव की भी चर्चा
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, भीड़ इतनी उग्र थी कि उन्होंने पुलिस कर्मियों के साथ धक्का-मुक्की की और जबरन वाहन का दरवाजा खोलकर दोनों गिरफ्तार धंधेबाजों को छुड़ा लिया। बताया जा रहा है कि इस दौरान पुलिस टीम पर ईंट-पत्थर भी फेंके गए, जिससे वहां अफरा-तफरी मच गई। हालांकि, आधिकारिक तौर पर पुलिस ने पथराव की बात से इनकार किया है, लेकिन यह जरूर माना कि आरोपियों को छुड़ाने के लिए पुलिस के साथ जबरदस्ती और हाथापाई की गई है।
भारी पुलिस बल के साथ पहुंचे थानाध्यक्ष, एक आरोपी गिरफ्तार
घटना की सूचना मिलते ही मोहिउद्दीननगर थानाध्यक्ष सचिन कुमार भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस की अतिरिक्त टीम को देखकर हंगामा कर रहे लोग इधर-उधर भागने लगे। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए भाग रहे एक युवक रवि किशन पासवान को पकड़ लिया, जिसे फिलहाल थाने की हाजत में रखा गया है।
भारी मात्रा में शराब और उपकरण बरामद, FIR दर्ज
पुलिस ने फरार आरोपियों के ठिकानों की तलाशी ली, जहाँ से करीब 30 लीटर तैयार देसी शराब बरामद की गई है। इसके अलावा शराब बनाने वाला चूल्हा, तसली, गैस सिलेंडर और अन्य कई उपकरण भी जब्त किए गए हैं।
एलटीएफ प्रभारी अफरोज आलम के बयान पर थाने में प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है। इस मामले में गिरफ्तार रवि किशन के अलावा फरार आरोपी ओमप्रकाश पासवान, सुरेंद्र पासवान, रूपेश पासवान और रणवीर पासवान सहित करीब एक दर्जन अज्ञात लोगों को नामजद किया गया है।
पुलिस का बयान: दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई
थानाध्यक्ष सचिन कुमार ने बताया कि पुलिस पर हमले जैसी बड़ी बात नहीं है, लेकिन पुलिस के काम में बाधा डाली गई और हाथापाई कर आरोपियों को छुड़ाया गया है। पुलिस फिलहाल फरार धंधेबाजों और पुलिस के साथ बदसलूकी करने वाले अन्य लोगों की पहचान करने में जुटी है। जल्द ही सभी दोषियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।
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