समस्तीपुर में नई चीनी मिल की तैयारी: सरकार ने प्रशासन से मांगा जमीन का प्रस्ताव, किसानों में जगी उम्मीद

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समस्तीपुर: जिले के गन्ना किसानों के लिए एक बड़ी और खुशखबरी सामने आ रही है। समस्तीपुर में एक नई चीनी मिल स्थापित करने को लेकर राज्य सरकार ने अपनी योजना स्पष्ट कर दी है। विभाग की ओर से जिला प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि नई मिल के लिए उपयुक्त जमीन और गन्ने की खेती के रकबे की तलाश की जाए। इस कदम से जिले के औद्योगिक विकास और किसानों की आय में बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है।

नई चीनी मिल के लिए 100 एकड़ जमीन की तलाश शुरू

सरकार की इस योजना को धरातल पर उतारने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। नई चीनी मिल की स्थापना के लिए कम से कम 100 एकड़ भूमि की आवश्यकता है। इसके साथ ही, मिल को सुचारू रूप से चलाने के लिए लगभग 40 हजार एकड़ क्षेत्र में गन्ने की खेती का होना अनिवार्य माना गया है। जिला प्रशासन अब ऐसे बड़े भूखंड और गन्ने की खेती वाले इलाकों की पहचान करने में जुट गया है।

जिलाधिकारी ने गठित की तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय कमेटी

नई चीनी मिल के प्रस्ताव को तेजी से तैयार करने के लिए जिलाधिकारी ने तीन वरिष्ठ अधिकारियों की एक विशेष कमेटी बनाई है।

  • इस कमेटी में एडीएम (राजस्व) ब्रजेश कुमार, जिला ईख पदाधिकारी और डीसीएलआर को शामिल किया गया है।
  • कमेटी को जिम्मेदारी दी गई है कि वे जल्द से जल्द जमीन की उपलब्धता और गन्ना उत्पादन की संभावनाओं पर अपनी विस्तृत रिपोर्ट सौंपें।
  • कमेटी ने कृषि विभाग से भी जिले में वर्तमान गन्ना उत्पादन का पूरा डेटा मांगा है।

सीमावर्ती इलाकों (वैशाली और दरभंगा बॉर्डर) पर विशेष फोकस

चूंकि समस्तीपुर जिले में पहले से ही चीनी मिल मौजूद है, इसलिए नई मिल के लिए ऐसी जगह की तलाश की जा रही है जो वैशाली या दरभंगा जिले की सीमा से सटी हो। इन सीमावर्ती क्षेत्रों में जमीन मिलने की संभावना अधिक है और वहां के किसानों को भी गन्ना उत्पादन के लिए प्रोत्साहित किया जा सकता है। सर्वे के दौरान यह देखा जाएगा कि क्या इन इलाकों को मिलाकर 40 हजार एकड़ का जरूरी रकबा पूरा हो पा रहा है।

पुरानी बंद चीनी मिल को चालू करने की कोई योजना नहीं

अक्सर चर्चा होती है कि शहर के बीचों-बीच स्थित पुरानी बंद चीनी मिल को दोबारा शुरू किया जाएगा, लेकिन प्रशासन ने साफ कर दिया है कि फिलहाल ऐसी कोई योजना नहीं है। तकनीकी अड़चनों और भूमि के लीज पर होने के कारण पुरानी मिल को पुनर्जीवित करना व्यवहारिक नहीं माना जा रहा है। यही कारण है कि सरकार अब शहर से बाहर किसी बड़े और खुले क्षेत्र में नई यूनिट लगाने पर विचार कर रही है।

क्या कहते हैं अधिकारी?

इस मामले पर जानकारी देते हुए एडीएम ब्रजेश कुमार ने बताया कि विभाग ने नई चीनी मिल के लिए औपचारिक प्रस्ताव मांगा है। उन्होंने कहा, “हम 100 एकड़ जमीन और 40 हजार एकड़ गन्ना खेती योग्य क्षेत्र की तलाश कर रहे हैं। कमेटी अपनी रिपोर्ट तैयार कर रही है, जिसे जल्द ही सरकार को भेज दिया जाएगा।

डिस्क्लेमर: यह खबर Samastipur Express की टीम द्वारा तैयार की गई है। समस्तीपुर जिले की विश्वसनीय खबरों के लिए बने रहें हमारे साथ।

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