समस्तीपुर: ज़िले में डीजे साउंड पर लगाए गए प्रतिबंध के खिलाफ विरोध की आग अब और तेज हो गई है। ‘ट्रॉली डीजे साउंड संगठन’ के बैनर तले डीजे संचालकों का धरना आज दूसरे दिन भी जारी रहा। इस आंदोलन की खास बात यह रही कि अब इसे समाज के विभिन्न वर्गों और राजनीतिक दलों का भी भरपूर समर्थन मिलने लगा है। समस्तीपुर के धरना स्थल पर आज किन्नर समाज के लोगों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और सरकार के इस फैसले को रोजगार छीनने वाला कदम बताया।
लाख परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट: भाकपा-माले
आंदोलन का नेतृत्व संगठन के जिला अध्यक्ष ललन प्रसाद यादव कर रहे हैं। धरने को संबोधित करते हुए भाकपा-माले के वरिष्ठ नेता महावीर पोद्दार ने सरकार के इस फैसले पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने बिना सोचे-समझे ट्रॉली डीजे साउंड को बंद करने की घोषणा कर दी है, जिससे जिले के हजारों संचालक मर्माहत हैं।
पोद्दार ने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि जिले में 50,000 से अधिक डीजे संचालक हैं। अगर इनके कर्मचारियों और सहायकों को जोड़ लिया जाए, तो लगभग 3 लाख परिवारों का चूल्हा इसी काम से जलता है। सरकार के इस प्रतिबंध से इन परिवारों के सामने भुखमरी की स्थिति पैदा हो जाएगी।
किन्नर समाज की मांग- ‘नियम बनाओ, रोजगार मत छीनो’
धरने में शामिल होकर किन्नर समाज की नेता सपना किन्नर ने सरकार को जमकर घेरा। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि सरकार एक तरफ रोजगार देने का वादा करती है और दूसरी तरफ चल रहे रोजगार को बंद कर रही है। सपना किन्नर ने सुझाव दिया कि सरकार को प्रतिबंध लगाने के बजाय नियम तय करने चाहिए।
उन्होंने मांग की कि:
- सभी डीजे संचालकों का अनिवार्य रजिस्ट्रेशन (Registration) किया जाए।
- साउंड की क्वालिटी और डेसिबल (Amperage/Volume) की सीमा तय की जाए।
- नियमों के तहत काम करने की अनुमति दी जाए ताकि किसी का पेट न कटे।
टेंट एसोसिएशन और संचालकों ने उठाई अनुज्ञप्ति (License) की मांग
टेंट एसोसिएशन के रंजन शर्मा ने भी संचालकों का साथ देते हुए कहा कि जब सरकार को जरूरत होती है, तो हम तुरंत टेंट और साउंड की व्यवस्था करते हैं, तब कोई नियम आड़े नहीं आता। लेकिन अब नया फरमान सुनाकर बेरोजगारी बढ़ाई जा रही है।
जिला अध्यक्ष ललन प्रसाद यादव ने पुलिसिया कार्रवाई पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पुलिस आए दिन गरीब डीजे संचालकों का शोषण और दोहन करती है, जिसे तुरंत बंद किया जाना चाहिए। उनकी मुख्य मांगें निम्नलिखित हैं:
- सरकार सभी डीजे संचालकों को आधिकारिक अनुज्ञप्ति (License) जारी करे।
- निम्न वर्गीय गरीब परिवारों के प्रति सहानुभूति दिखाते हुए प्रतिबंध वापस लिया जाए।
- नियमों का निर्धारण हो ताकि कारोबार और कानून दोनों साथ चल सकें।
अनिश्चितकालीन धरने पर अड़े संचालक
यह आंदोलन अब अनिश्चितकालीन रूप ले चुका है। जिला सचिव बसंत कुमार, उपाध्यक्ष नवीन कुमार, शंकर महतो, तेनाली कुमार, समीम मंसूरी, महेश कुमार सिंह, अर्जुन दास और सुधीर सहनी समेत विभिन्न प्रखंडों के प्रतिनिधि इस धरने में डटे हुए हैं। सभी का एक ही सुर में कहना है कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जातीं, तब तक यह प्रदर्शन समाप्त नहीं होगा।
डिस्क्लेमर: यह खबर Samastipur Express की टीम द्वारा तैयार की गई है। समस्तीपुर जिले की विश्वसनीय खबरों के लिए बने रहें हमारे साथ।