समस्तीपुर की बेटी ने BHU में की सुसाइड की कोशिश, सीनियर डॉक्टर्स पर प्रताड़ना का आरोप; हालत नाजुक

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वाराणसी के बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) स्थित चिकित्सा विज्ञान संस्थान (IMS) से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। यहाँ समस्तीपुर की रहने वाली एक जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर सत्या ने डिप्रेशन के चलते आत्महत्या का प्रयास किया है। सत्या ने कथित तौर पर इंसुलिन के 100 से अधिक इंजेक्शन खुद को लगा लिए, जिसके बाद उनकी स्थिति अत्यंत गंभीर बनी हुई है।


पूरा मामला: कमरे का दरवाजा तोड़कर निकाला गया बाहर

डॉ. सत्या वाराणसी में घाट के पास एक किराए के मकान में रहती हैं। घटना वाले दिन जब उन्होंने अपनी सहेली का फोन नहीं उठाया, तो सहेली ने उनके पिता को सूचित किया। पिता से पता लेकर जब सहेली कमरे पर पहुँची, तो कमरा अंदर से बंद था। पुलिस की मौजूदगी में दरवाजा तोड़ा गया, जहाँ सत्या बेसुध हालत में मिलीं। उन्हें तुरंत BHU के सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक के ICU (बेड नंबर 30) में भर्ती कराया गया।

मल्टी ऑर्गन फेल्योर का खतरा, डायलिसिस जारी

इंसुलिन के भारी ओवरडोज के कारण सत्या के शरीर के अंगों पर बुरा असर पड़ा है। डॉक्टरों के अनुसार, सबसे ज्यादा प्रभाव उनकी किडनी पर पड़ा है, जिसके कारण शुक्रवार शाम को उनकी डायलिसिस भी की गई। फिलहाल मेडिसिन, न्यूरोलॉजी, नेफ्रोलॉजी और कार्डियोलॉजी विभाग के विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम उनकी जान बचाने में जुटी है, लेकिन वह अभी भी बेहोश हैं।

सीनियर रेजिडेंट्स पर मानसिक उत्पीड़न के गंभीर आरोप

इस आत्मघाती कदम के पीछे विभागीय तनाव और सीनियर डॉक्टर्स द्वारा मानसिक प्रताड़ना की बात सामने आ रही है। सत्या ने संस्थान के निदेशक को लिखे एक पत्र में सर्जरी विभाग के दो सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों, डॉ. राहुल राज और डॉ. उत्सव गांगली पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

  • आरोप: दोनों डॉक्टर सत्या को पेशेवर रूप से अक्षम बताकर बार-बार अपमानित करते थे।
  • प्रताड़ना: उनके आत्मविश्वास को तोड़ने का प्रयास किया जाता था, जिसकी शिकायत उन्होंने पहले भी की थी।

जांच के लिए उच्चस्तरीय समिति का गठन

IMS के निदेशक प्रो. एसएन संखवार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय जांच समिति बनाई है।

  1. अध्यक्षता: चिकित्सा संकाय के डीन।
  2. सदस्य: प्रो. सीमा खन्ना (सर्जरी विभाग) और डिप्टी चीफ प्रॉक्टर। यह समिति 7 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि परिसर में किसी भी तरह का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी।

परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल

सत्या के पिता समीर कुमार (चमन जी) अपनी बेटी की हालत देखकर गहरे सदमे में हैं। उन्होंने बताया कि 12 मार्च की शाम को सत्या ने अपने भाई से सामान्य बात की थी और ड्यूटी से लौटकर आराम करने की बात कही थी। लेकिन रात 12 बजे उन्हें इस अनहोनी की सूचना मिली। फिलहाल पूरा परिवार वाराणसी में ही है और बेटी के होश में आने का इंतजार कर रहा है।

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डिस्क्लेमर: यह खबर Samastipur Express की टीम द्वारा तैयार की गई है। समस्तीपुर जिले की विश्वसनीय खबरों के लिए बने रहें हमारे साथ।

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