Samastipur News: आंगनबाड़ी सेविकाओं को दिया गया पोषण और मोटे अनाज का प्रशिक्षण

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Samastipur News: आंगनबाड़ी सेविकाओं को दिया गया पोषण और मोटे अनाज का प्रशिक्षण

Samastipur News: आंगनबाड़ी सेविकाओं को दिया गया पोषण और मोटे अनाज का प्रशिक्षण

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पूसा (समस्तीपुर):
राष्ट्रीय पोषण माह के मौके पर पूसा के कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) बिरौली में आंगनबाड़ी सेविकाओं के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें वारिसनगर प्रखंड की करीब 50 सेविकाओं ने हिस्सा लिया।

प्रशिक्षण का उद्देश्य

इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य था कि आंगनबाड़ी सेविकाओं के माध्यम से गांव-गांव में पोषण और संतुलित आहार की जानकारी पहुंचाई जा सके।

अतिथियों का संबोधन

प्रशिक्षण का शुभारंभ डीडीएम नाबार्ड अभिनव कृष्णा और केन्द्र के प्रधान डॉ. रविन्द्र कुमार तिवारी ने किया।

  • डीडीएम अभिनव कृष्णा ने बताया कि मोटे अनाज (जैसे बाजरा, ज्वार, मडुआ, मक्का) हमारे स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद हैं और इन्हें बढ़ावा देने के लिए कई परियोजनाएं चलाई जा रही हैं।
  • डॉ. रविन्द्र तिवारी ने कहा कि पौष्टिक भोजन और संतुलित आहार बीमारियों से बचाव के लिए जरूरी हैं। उन्होंने किसानों को मोटे अनाज की खेती के फायदे बताए और कहा कि इसके बीज भी विश्वविद्यालय की ओर से उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

पोषण और स्वास्थ्य पर जानकारी

  • गृह वैज्ञानिक वर्षा कुमारी ने बताया कि कैसे छोटे बच्चों के लिए मोटे अनाज और दालों से अलग-अलग तरह के पौष्टिक आहार तैयार किए जा सकते हैं।
  • उद्यान वैज्ञानिक राजीव कुमार यादव ने सेविकाओं को पोषण वाटिका लगाने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अगर सालभर अलग-अलग सब्जियां उगाई जाएं तो घरों में पोषण और स्वास्थ्य दोनों सुरक्षित रहते हैं।

विशेष पहल

प्रशिक्षण के अंत में सेविकाओं को वर्मी कम्पोस्ट, नर्सरी प्रबंधन और कृषि तकनीकों की जानकारी दी गई। साथ ही हर सेविका को एक अमरूद का पौधा दिया गया ताकि उसे आंगनबाड़ी केंद्र में लगाया जा सके और बच्चों को फल मिल सके।

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