समस्तीपुर (Samastipur Express): जिले के उजियारपुर प्रखंड से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहाँ भू-माफियाओं के कथित गठजोड़ ने सैकड़ों वर्षों से रह रहे गरीब परिवारों की रातों की नींद उड़ा दी है। मामला भगवानपुर देसुआ पंचायत के वार्ड संख्या 17 का है, जहाँ फर्जी वंशावली और कागजातों के आधार पर जमीन की अवैध रजिस्ट्री करने का गंभीर आरोप लगा है। इस मामले को लेकर भाकपा माले ने मोर्चा खोल दिया है और एक विशाल प्रतिरोध सभा का आयोजन कर प्रशासन को सीधी चेतावनी दी है।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, उजियारपुर के भगवानपुर देसुआ पंचायत में लगभग एक बीघा पंद्रह कट्ठा जमीन पर यह विवाद गहराया हुआ है। आरोप है कि रघुनंदन साह नामक व्यक्ति ने फर्जी वंशावली और खतियान का सहारा लेकर इस बेशकीमती जमीन की रजिस्ट्री कई अन्य लोगों के नाम कर दी है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि जिस जमीन की रजिस्ट्री की गई है, उस पर पिछले 200 वर्षों से गरीब परिवार बसे हुए हैं। वहां उनके पक्के और कच्चे मकान बने हुए हैं और कई पीढ़ियां वहीं गुजर चुकी हैं।
भाकपा माले की प्रतिरोध सभा और तीखे तेवर
इस जमीन घोटाले के खिलाफ पंचायत कमेटी के तत्वावधान में मनोहर साह की अध्यक्षता में एक जोरदार प्रतिरोध सभा आयोजित की गई। सभा में मुख्य वक्ता के रूप में मौजूद भाकपा माले नेता महावीर पोद्दार ने दबंगों और भू-माफियाओं पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा:
“यह पूरी तरह से अन्याय है। जो गरीब सदियों से इस जमीन पर काबिज हैं, उनकी जमीन को फर्जी कागजात बनवाकर बेचना एक बड़ा अपराध है। दबंगों के साथ मिलकर किए गए इस खेल को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”
वहीं, माले नेता फूलेन्द्र प्रसाद सिंह ने इस पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अगर प्रशासन ने जल्द ही इन फर्जी दस्तावेजों के आधार पर हुई रजिस्ट्री को निरस्त नहीं किया, तो भाकपा माले पूरे जिले में उग्र आंदोलन छेड़ने को बाध्य होगी।

प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग
सभा के दौरान मौजूद ग्रामीणों और अन्य नेताओं ने भी प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। वक्ताओं में समीम मंसूरी, गोपाल साह, बिन्देश्वर साह, मो. मोकिम इमाम, राज किशोर साह, शत्रुघ्न साह और मो. शकील अहमद शामिल थे। इन सभी ने एक सुर में मांग की है कि:
- रजिस्ट्री में इस्तेमाल की गई वंशावली की गहन जांच हो।
- अवैध रजिस्ट्री को तत्काल प्रभाव से रद्द किया जाए।
- गरीबों को उनके आशियाने से बेदखल करने की साजिश रचने वालों पर FIR दर्ज हो।
निष्कर्ष: गरीबों के हक की लड़ाई
वर्तमान में इस घटना को लेकर पूरे उजियारपुर प्रखंड में तनाव का माहौल है। गरीब परिवारों को डर है कि कहीं उन्हें उनके घर से निकाल न दिया जाए। अब देखना यह है कि समस्तीपुर जिला प्रशासन इस गंभीर भू-घोटाले पर क्या एक्शन लेता है। Samastipur Express इस खबर पर अपनी पैनी नजर बनाए हुए है।
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