समस्तीपुर (Samastipur Express)। बिहार सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लाख दावे करे, लेकिन जमीनी हकीकत आज भी दावों से कोसों दूर नजर आ रही है। ताजा मामला समस्तीपुर जिले के उजियारपुर प्रखंड का है, जहाँ पतैली स्थित हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर मंगलवार को पूरी तरह बंद पाया गया। अस्पताल के मुख्य दरवाजे पर ताला लटका देख इलाज कराने आए दर्जनों मरीजों को मायूस होकर वापस लौटना पड़ा।
दूर-दराज से आए मरीजों की बढ़ी मुश्किलें
जानकारी के अनुसार, सुबह से ही पतैली और आसपास के गांवों से ग्रामीण छोटे-मोटे इलाज और जांच के लिए केंद्र पर पहुंचने लगे थे। घंटों इंतजार करने के बाद भी जब कोई स्वास्थ्य कर्मी या डॉक्टर केंद्र पर नहीं पहुंचा, तो मरीजों का धैर्य जवाब दे गया। कई बुजुर्ग और महिलाएं, जो पैदल चलकर केंद्र तक पहुंची थीं, उन्हें बिना किसी चिकित्सीय परामर्श के ही घर वापस जाना पड़ा।
ग्रामीणों का आरोप: अक्सर समय पर नहीं खुलता केंद्र
स्थानीय ग्रामीणों ने Samastipur Express की टीम से बात करते हुए अपनी नाराजगी जाहिर की। ग्रामीणों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है जब यह केंद्र बंद मिला हो। स्थानीय लोगों के मुताबिक:
- केंद्र के खुलने का कोई निश्चित समय नहीं है।
- तैनात कर्मी अक्सर ड्यूटी से नदारद रहते हैं।
- शिकायत के बावजूद व्यवस्था में कोई सुधार नहीं हो रहा है।
एक ग्रामीण ने बताया, “हम लोग उम्मीद लेकर आते हैं कि यहाँ मुफ्त इलाज और दवा मिलेगी, लेकिन यहाँ तो ताला ही हमारा स्वागत करता है। गरीब आदमी आखिर जाए तो कहाँ जाए?”
सरकार के दावों पर उठ रहे गंभीर सवाल
एक तरफ सरकार ‘सबके लिए स्वास्थ्य’ का नारा दे रही है, वहीं दूसरी ओर उजियारपुर के इस केंद्र की स्थिति सरकारी तंत्र की लापरवाही को उजागर कर रही है। हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण स्तर पर प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराना है, लेकिन अगर केंद्र ही बंद रहे तो यह उद्देश्य पूरी तरह विफल साबित होता है।
जिला प्रशासन से कार्रवाई की मांग
पतैली के ग्रामीणों ने इस लापरवाही को लेकर जिला प्रशासन और सिविल सर्जन से कड़ी कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है कि ड्यूटी से गायब रहने वाले कर्मियों पर स्पष्टीकरण मांगा जाना चाहिए और यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि भविष्य में मरीजों को इस तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो वे उग्र प्रदर्शन के लिए बाध्य होंगे।
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