समस्तीपुर नगर निगम ने विकास की ओर एक बड़ा कदम बढ़ाते हुए वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ₹360 करोड़ 25 लाख का बजट सर्वसम्मति से पारित कर दिया है। इस बजट का मुख्य फोकस शहर को कचरा मुक्त बनाने, जलजमाव से निजात दिलाने और शहरी गरीबों को आवास उपलब्ध कराने पर है।
नगर निगम की इस महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता महापौर अनीता राम ने की। इस अवसर पर उप महापौर रामबालक पासवान, नगर आयुक्त ज्ञान प्रकाश, और सशक्त स्थायी समिति के सदस्यों सहित सभी वार्ड पार्षद मौजूद रहे। सदन ने इस बजट को शहर के चहुंमुखी विकास के लिए एक ऐतिहासिक दस्तावेज बताया है।
बजट 2026-27 का मुख्य सारांश: आय और व्यय का गणित
नगर निगम द्वारा पेश किए गए इस बजट में कमाई और खर्च का पूरा खाका तैयार किया गया है। बजट के आंकड़ों के अनुसार, निगम इस बार लाभ की स्थिति में रहने वाला है।
- अनुमानित कुल प्राप्ति (Income): ₹360 करोड़ 25 लाख
- अनुमानित कुल व्यय (Expenses): ₹274 करोड़ 70 लाख
- अनुमानित लाभ (Surplus): ₹85 करोड़ 54 लाख
आय के मुख्य स्रोत: कहां से आएगा पैसा?
समस्तीपुर नगर निगम अपनी आय बढ़ाने के लिए आंतरिक और सरकारी संसाधनों पर निर्भर है:
- संपत्ति कर (Property Tax): शहर के रिहायशी और व्यावसायिक भवनों से प्राप्त टैक्स।
- मोबाइल टावर और ट्रेड लाइसेंस: मोबाइल टावरों पर लगने वाला कर और व्यापारिक लाइसेंस शुल्क।
- सरकारी अनुदान: नगर विकास एवं आवास विभाग से विभिन्न योजनाओं के तहत प्राप्त होने वाला आवंटन।
विकास का रोडमैप: कहां खर्च होंगे पैसे?
बजट में शहर की बुनियादी समस्याओं के समाधान और आधुनिक सुविधाओं पर जोर दिया गया है:
1. कचरा प्रबंधन और खाद निर्माण
शहर की गंदगी को अब संसाधन में बदला जाएगा। ठोस कचरा प्रबंधन के तहत:
- कचरे से खाद बनाने के लिए कम्पोस्ट पिट का निर्माण होगा।
- MRF (Material Recovery Facility) और डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन को और मजबूत किया जाएगा।
- लैंडफिल साइट का विकास और नए डस्टबिन की खरीदारी की जाएगी।
2. जलजमाव से मुक्ति (Storm Water Drainage)
समस्तीपुर वासियों को हर साल होने वाले जलजमाव से बचाने के लिए बड़े पैमाने पर स्ट्रॉम वाटर ड्रेनेज सिस्टम के निर्माण का प्रावधान किया गया है।
3. शहरी गरीबों और बुजुर्गों के लिए सुविधाएं
बजट का लगभग 28.66% हिस्सा (₹103 करोड़ 25 लाख) शहरी गरीबों के लिए सुरक्षित रखा गया है:
- भूमिहीन गरीबों के लिए बहुमंजिला आवास का निर्माण।
- बुजुर्गों के लिए आश्रय स्थल और सार्वजनिक पुस्तकालयों की स्थापना।
4. आधुनिक सुविधाएं और सौंदर्यीकरण
- योग शाला सेंटर: स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए योग केंद्र बनाए जाएंगे।
- स्मार्ट सिटी फीचर्स: सीसीटीवी कैमरे, स्ट्रीट लाइट और हाई मास्ट लाइट से शहर को रोशन और सुरक्षित किया जाएगा।
- शवदाह गृह और मोक्षधाम: शहर में आधुनिक शवदाह गृहों का निर्माण होगा।
- बस स्टैंड और वेंडर जोन: यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए बस स्टैंड और रेहड़ी-पटरी वालों के लिए वेंडर जोन का विकास।
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