सांकेतिक चित्र: (Samastipur Express)
समस्तीपुर जिले के गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों के लिए बिजली बिल की चिंता अब खत्म होने वाली है। बिहार सरकार की ‘कुटीर ज्योति योजना’ के तहत जिले के लाखों बीपीएल (BPL) परिवारों को मुफ्त सोलर पैनल का तोहफा मिलने जा रहा है। इस योजना के जरिए न सिर्फ लोगों को सस्ती और स्वच्छ बिजली मिलेगी, बल्कि पर्यावरण को बचाने में भी मदद मिलेगी।
2.59 लाख बीपीएल परिवारों को मिलेगा सीधा लाभ
समस्तीपुर जिले में बिजली विभाग ने एक बहुत बड़ा लक्ष्य निर्धारित किया है। योजना के मुताबिक, जिले के लगभग 2.59 लाख बीपीएल परिवारों की छतों पर सोलर यूनिट लगाई जाएगी। इस पहल का सबसे बड़ा फायदा उन लोगों को होगा जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं और भारी-भरकम बिजली बिल भरने में असमर्थ हैं। विभाग का मानना है कि इस योजना से जिले के सुदूर ग्रामीण इलाकों तक बिजली की पहुंच और बेहतर होगी।
1 किलोवाट की सोलर यूनिट से चलेंगे पंखे और बल्ब
योजना के तहत प्रत्येक पात्र परिवार की छत पर एक किलोवाट (1 KW) क्षमता का सोलर सिस्टम लगाया जाएगा। इसके मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
- दो सोलर प्लेट: घर की छत पर दो सोलर प्लेट्स लगाई जाएंगी।
- उपयोग: इस सोलर प्लांट से इतनी बिजली पैदा होगी जिससे घर के जरूरी उपकरण जैसे पंखे, एलईडी बल्ब और मोबाइल चार्जिंग आसानी से हो सकेगी।
- मुफ्त इंस्टालेशन: सोलर पैनल की खरीद से लेकर उसे घर पर लगाने (Installation) तक का पूरा खर्चा बिजली कंपनी खुद उठाएगी। उपभोक्ताओं को इसके लिए एक भी रुपया खर्च करने की जरूरत नहीं है।
सोलर पैनल लगवाने के लिए क्या हैं जरूरी शर्तें?
बिजली विभाग ने सोलर पैनल लगाने के लिए कुछ तकनीकी शर्तें भी रखी हैं, ताकि बिजली का उत्पादन सही तरीके से हो सके:
- पक्की छत: उपभोक्ता के घर की छत पक्की होनी चाहिए।
- जगह की उपलब्धता: छत पर कम से कम 64 वर्ग फीट खाली जगह होनी चाहिए।
- छायामुक्त क्षेत्र: सोलर प्लेट ऐसी जगह लगनी चाहिए जहां पूरे दिन अच्छी धूप आती हो और पेड़ या दूसरी इमारतों की छाया न पड़ती हो।
- रखरखाव: पैनल लगने के बाद उसकी सुरक्षा और समय-समय पर सफाई की जिम्मेदारी खुद उपभोक्ता की होगी।
जल्द शुरू होगा काम: क्या कहते हैं अधिकारी?
समस्तीपुर के कार्यपालक अभियंता आनंद कुमार ने जानकारी दी है कि जिले में बीपीएल उपभोक्ताओं को इस योजना का लाभ देने की तैयारी अंतिम चरण में है। फिलहाल एजेंसी के चयन की प्रक्रिया चल रही है। जैसे ही एजेंसी का फाइनल सिलेक्शन हो जाएगा, धरातल पर काम शुरू कर दिया जाएगा।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य गरीब परिवारों को पारंपरिक बिजली पर निर्भरता कम करके उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। इससे न केवल उनके पैसों की बचत होगी, बल्कि बिजली की किल्लत से भी राहत मिलेगी।
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