समस्तीपुर (उजियारपुर): जिले के उजियारपुर थाना क्षेत्र के बलिरामपुर गांव में सोमवार की सुबह आपसी विवाद में एक महिला पर जानलेवा हमला किया गया। घायल महिला बिहार पुलिस में कार्यरत एक एएसआई (ASI) की तीसरी पत्नी बताई जा रही है। आरोप है कि पट्टीदारों ने ईंट-पत्थरों से हमला करने के बाद दो बांस की मदद से महिला का गला घोंटने की कोशिश की। घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल है और स्थानीय ग्रामीणों ने विरोध में सड़क जाम कर दिया।
सोमवार सुबह 7 बजे हुआ जानलेवा हमला
मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना उजियारपुर प्रखंड के पतैली पंचायत स्थित बलिरामपुर वार्ड संख्या 08 की है। सोमवार, 23 फरवरी की सुबह करीब 7 बजे जब पूनम भारती (35 वर्ष) अपने घर पर थी, तभी पट्टीदारों ने उन पर अचानक हमला बोल दिया। घायल पूनम भारती, लाल बहादुर पासवान की पत्नी हैं, जो वर्तमान में बिहार पुलिस में एएसआई के पद पर तैनात हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि हमलावरों ने पूनम को तब तक पीटा जब तक वह बेहोश नहीं हो गई। हमला इतना बर्बर था कि हमलावरों ने उसे मरा हुआ समझकर वहीं छोड़ दिया और मौके से फरार हो गए।
गला घोंटने की कोशिश और लूटपाट का आरोप
स्थानीय लोगों ने घटना की जो जानकारी दी है, वह काफी चौंकाने वाली है। आरोप है कि पट्टीदार मिथिलेश पासवान और उसकी पत्नी ने मिलकर पूनम भारती पर ईंट-पत्थरों से हमला किया। इतना ही नहीं, क्रूरता की हदें पार करते हुए दो बांस के टुकड़ों की सहायता से पूनम का गला दबाकर उसे जान से मारने की कोशिश की गई।
पीड़िता के घर में रखे सामान और बर्तनों को भी फेंक दिया गया। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने पूनम की मदद के लिए करीब 10 हजार रुपये इकट्ठे किए थे, जिसे हमलावरों ने छीन लिया। घटना के बाद आरोपी मिथिलेश पासवान और उसका परिवार घर छोड़कर फरार हो गया है।
पति के साथ न रखने पर मंदिर में रह रही थी पूनम
इस मामले में एक पारिवारिक विवाद भी सामने आया है। बताया जा रहा है कि एएसआई लाल बहादुर पासवान ने तीन शादियां की हैं और पूनम भारती उनकी तीसरी पत्नी हैं। एएसआई अपनी इस पत्नी को अपने साथ रखने को तैयार नहीं थे। इसके बावजूद पूनम अपने मायके नहीं गईं और गांव में ही रहने का फैसला किया। ग्रामीणों ने उनकी स्थिति को देखते हुए पास के ‘विषहर स्थान’ (मंदिर परिसर) में रहने की जगह दी थी, जहाँ वह लोगों की मदद से अपना गुजर-बसर कर रही थीं।
सड़क जाम और पुलिस की कार्रवाई
घटना की खबर फैलते ही ग्रामीण उग्र हो गए। बेहोश महिला को सड़क पर रखकर लोगों ने रास्ता जाम कर दिया और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग करने लगे। सूचना मिलते ही उजियारपुर थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर अजीत कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।
पुलिस ने तुरंत अपनी गाड़ी से घायल महिला को उजियारपुर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) पहुँचाया। PHC के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. इरशाद अंसारी ने बताया कि महिला के शरीर पर चोट के गहरे निशान हैं और प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल समस्तीपुर रेफर कर दिया गया है।
थानाध्यक्ष का बयान
उजियारपुर थानाध्यक्ष ने बताया कि फिलहाल महिला का इलाज कराया जा रहा है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जैसे ही पीड़ित पक्ष की ओर से लिखित आवेदन प्राप्त होता है, दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस निगरानी रख रही है।
समस्तीपुर की हर छोटी-बड़ी खबर के लिए Samastipur Express के साथ जुड़े रहें। ताज़ा अपडेट्स के लिए हमारे वेबसाइट को बुकमार्क ज़रूर करें।