समस्तीपुर जिले में साइबर अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। ताजा मामला मुफस्सिल थाना क्षेत्र का है, जहाँ एक शिक्षिका के बैंक खाते में सेंध लगाकर अपराधियों ने 1.70 लाख रुपये की मोटी रकम पार कर दी। चौंकाने वाली बात यह है कि पीड़िता को इस ठगी की भनक तब लगी जब वे बैंक पहुँचीं, क्योंकि उनके मोबाइल पर ट्रांजेक्शन का कोई मैसेज भी नहीं आया था।
केवस जागीर स्कूल में पदस्थापित हैं पीड़िता
जानकारी के अनुसार, पीड़िता अजमत फातिमा मूल रूप से उत्तर प्रदेश के प्रयागराज की रहने वाली हैं। वर्तमान में वे समस्तीपुर के मुफस्सिल थाना क्षेत्र स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय, केवस जागीर में शिक्षिका के पद पर कार्यरत हैं। अपराधियों ने उनके यूपीआई (UPI) ऐप का सहारा लेकर इस बड़ी ठगी को अंजाम दिया है।
बिना किसी मैसेज के 14 किस्तों में उड़ाए पैसे
शिक्षिका ने बताया कि उन्हें इस बात की जरा भी भनक नहीं लगी कि उनके खाते से पैसे निकाले जा रहे हैं। उनके मोबाइल पर न तो बैंक की तरफ से कोई अलर्ट आया और न ही यूपीआई ऐप की तरफ से कोई मैसेज प्राप्त हुआ। ठगी का खुलासा तब हुआ जब शिक्षिका किसी काम से बैंक पहुँचीं और अपना बैलेंस चेक किया। खाते से बड़ी राशि गायब देख उनके पैरों तले जमीन खिसक गई।
साइबर अपराधियों ने बड़ी चालाकी से कुल 14 ट्रांजेक्शन किए। विवरण के अनुसार:
- 10-10 हजार रुपये के 10 ट्रांजेक्शन किए गए।
- 5-5 हजार रुपये के 3 ट्रांजेक्शन हुए।
- 2 हजार रुपये का 1 ट्रांजेक्शन किया गया। इस तरह अपराधियों ने कुल 1,70,000 रुपये शिक्षिका के खाते से निकाल लिए।
पुलिस ने दर्ज की प्राथमिकी, जांच शुरू
ठगी का अहसास होते ही शिक्षिका ने तुरंत तत्परता दिखाई और सबसे पहले साइबर हेल्पलाइन पर अपनी शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद उन्होंने मुफस्सिल थाना में लिखित आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है। पीड़िता ने उन सभी 14 ट्रांजेक्शन का पूरा विवरण और बैंक स्टेटमेंट पुलिस को सौंप दिया है।
मुफस्सिल थानाध्यक्ष अजित प्रसाद सिंह ने बताया कि शिक्षिका के आवेदन के आधार पर आईटी एक्ट (IT Act) के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस अब उन बैंक खातों की कुंडली खंगाल रही है जिनमें यह राशि ट्रांसफर की गई है। साइबर सेल की मदद से अपराधियों तक पहुँचने का प्रयास किया जा रहा है।
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