समस्तीपुर: बिहार में पूर्ण शराबबंदी कानून लागू है, लेकिन समस्तीपुर जिले के सुप्रसिद्ध बाबा केवल स्थान राजकीय मेले से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जिसने प्रशासनिक व्यवस्था और पुलिस की मुस्तैदी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मेले के भीतर खुलेआम शराब बेची जा रही है और हैरत की बात यह है कि दुकानदार इसे “बाबा का प्रसाद” बताकर लोगों को परोस रहे हैं।
उद्घाटन के बाद ही नियमों की उड़ी धज्जियां
विदित हो कि इस भव्य राजकीय मेले का विधिवत उद्घाटन केंद्रीय मंत्री राजभूषण चौधरी, स्थानीय विधायक रणविजय साहू और जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा द्वारा किया गया था। सरकार और प्रशासन का उद्देश्य इस मेले के माध्यम से धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर को बढ़ावा देना था, लेकिन उद्घाटन के कुछ ही समय बाद अवैध गतिविधियों का वीडियो वायरल होने से हड़कंप मच गया है।
प्रशासनिक अनदेखी पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं में इस घटना को लेकर काफी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि मेले में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होने और भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती के बावजूद इस तरह की अवैध बिक्री कैसे हो रही है? स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि वहां तैनात जिम्मेदार अधिकारी इस पूरी गतिविधि को देखकर भी अनदेखी कर रहे हैं।
“यह आस्था का केंद्र है, न कि अवैध धंधे का अड्डा। राजकीय मेले में इस तरह की घटना बिहार सरकार के शराबबंदी कानून का सीधा उल्लंघन है और आस्था के साथ खिलवाड़ है।” – स्थानीय निवासी
शराबबंदी कानून को चुनौती
बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की महत्वाकांक्षी योजना ‘पूर्ण शराबबंदी’ को लेकर प्रशासन हमेशा सख्त होने का दावा करता है। लेकिन एक राजकीय मेले में, जहां जिला प्रशासन की सीधी निगरानी होती है, वहां शराब की बिक्री होना विभाग की कार्यशैली पर बड़ा प्रश्नचिह्न लगाता है।
अब देखना यह होगा कि वीडियो वायरल होने के बाद जिला प्रशासन और पुलिस विभाग उन दुकानदारों और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर क्या कार्रवाई करता है।
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