सांकेतिक चित्र: (Samastipur Express)
समस्तीपुर एक्सप्रेस (Samastipur Express) – दलसिंहसराय ब्यूरो की विशेष रिपोर्ट
दलसिंहसराय (समस्तीपुर): समस्तीपुर जिले के प्रतिष्ठित और पुराने शिक्षण संस्थानों में शुमार, आर. बी. कॉलेज (R. B. College), दलसिंहसराय से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। कॉलेज प्रशासन ने परिसर के भीतर बढ़ती रील (Reels) बनाने की संस्कृति, हुड़दंग और सोशल मीडिया ब्लॉगिंग के नाम पर हो रही अभद्रता को लेकर बेहद सख्त रुख अख्तियार किया है। कॉलेज प्रशासन ने स्पष्ट और कड़े शब्दों में चेतावनी जारी की है कि यदि कोई भी व्यक्ति, चाहे वह कॉलेज का छात्र हो या कोई बाहरी ब्लॉगर, परिसर के नियमों का उल्लंघन करता पाया गया, तो उसके खिलाफ न केवल अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी, बल्कि जरूरत पड़ने पर पुलिस केस (FIR) भी दर्ज कराया जाएगा।
ग्राउंड रिपोर्ट: ‘शिक्षा का मंदिर’ या ‘रील बनाने का स्टूडियो’?
समस्तीपुर एक्सप्रेस की टीम ने जब इस खबर की तह तक जाने के लिए आर. बी. कॉलेज परिसर का जायजा लिया और वहां के आम छात्रों व शिक्षकों से बात की, तो एक गंभीर समस्या सामने आई। कई गंभीर छात्रों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि पिछले कुछ समय से कॉलेज का माहौल शिक्षा के अनुकूल रहने के बजाय ‘फिल्मी स्टूडियो’ जैसा होता जा रहा था।
कॉलेज की लाइब्रेरी के पास, सीढ़ियों पर या फिर खेल के मैदान (Ground) में, अक्सर युवाओं के समूह तेज आवाज में मोबाइल पर गाने बजाकर अश्लील या द्विअर्थी संवादों वाले वीडियो (Reels/Shorts) बनाते हुए देखे जा सकते थे।
एक छात्रा ने अपनी परेशानी साझा करते हुए कहा, “कई बार हम सहेलियां आपस में बात कर रही होती हैं या पढ़ाई कर रही होती हैं, और अचानक कोई लड़का या बाहरी ब्लॉगर कैमरा लेकर सामने आ जाता है। वो अपने वीडियो के बैकग्राउंड में हमें भी कैद कर लेते हैं, जबकि हमारी कोई सहमति नहीं होती। यह बहुत असहज करने वाला होता है। हमें डर लगता है कि कहीं हमारी वीडियो का गलत इस्तेमाल न हो जाए।“
नया फरमान: क्या है कॉलेज प्रशासन की चेतावनी?
बढ़ती शिकायतों और कॉलेज के माहौल को दूषित होते देख, कॉलेज प्रशासन और छात्र संघ प्रतिनिधियों ने एक आपात बैठक की और सर्वसम्मति से एक आधिकारिक नोटिस जारी किया है। इस आदेश के अनुसार, कॉलेज परिसर और मैदान में निम्नलिखित गतिविधियों पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है:
- अश्लील/अभद्र वीडियो पर रोक: कोई भी व्यक्ति कॉलेज परिसर के अंदर भोजपुरी या किसी भी भाषा के अश्लील, द्विअर्थी या द्विअर्थी अर्थ वाले गीतों पर वीडियो या रील नहीं बना सकता।
- निजता का उल्लंघन (Consent): किसी भी कॉलेज छात्र या विशेषकर छात्राओं का चेहरा उनकी स्पष्ट अनुमति के बिना किसी भी ब्लॉग, वीडियो या सोशल मीडिया पोस्ट में शामिल नहीं किया जाएगा। ऐसा करना निजता का सीधा उल्लंघन माना जाएगा।
- बाहरी लोगों का प्रवेश: बिना किसी ठोस शैक्षणिक कार्य के कॉलेज में घूमने वाले या केवल वीडियो बनाने के मकसद से आने वाले बाहरी तत्वों पर भी पैनी नजर रखी जा रही है।
समस्तीपुर एक्सप्रेस से बात करते हुए कॉलेज प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “हम सोशल मीडिया या रचनात्मकता के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन कॉलेज एक शिक्षण संस्थान है। यहां छात्र-छात्राएं अपना भविष्य बनाने आते हैं। जब परिसर में रील बनाने के नाम पर हुड़दंग होता है या अश्लील गाने बजते हैं, तो पढ़ने वाले छात्रों की एकाग्रता भंग होती है। कॉलेज का वातावरण खराब होता है, और हम यह बर्दाश्त नहीं कर सकते।“
अभिभावकों की चिंता और ‘ह्यूमन टच’
इस पूरे मामले में एक और महत्वपूर्ण पहलू अभिभावकों की चिंता का है। दलसिंहसराय और आसपास के ग्रामीण इलाकों से बड़ी संख्या में अभिभावक अपनी बेटियों को उच्च शिक्षा के लिए आर. बी. कॉलेज भेजते हैं। एक शिक्षण संस्थान पर उनका अटूट विश्वास होता है।
लेकिन जब सोशल मीडिया पर कॉलेज के नाम से अभद्र वीडियो वायरल होते हैं, तो अभिभावकों के मन में डर पैदा होता है। समस्तीपुर एक्सप्रेस ने जब कॉलेज गेट पर अपनी बेटी को छोड़ने आए एक अभिभावक से बात की, तो उनके चेहरे पर चिंता साफ़ देखी जा सकती थी।
उन्होंने कहा, “सर, हम बहुत भरोसे के साथ अपनी बेटी को यहां पढ़ने भेजते हैं। लेकिन जब सुनते हैं कि कॉलेज में लड़के-लड़कियां पढ़ाई छोड़ कर गंदे गानों पर वीडियो बनाते हैं और दूसरों की भी फोटो खींच लेते हैं, तो डर लगता है। अगर कॉलेज प्रशासन सख्त कदम नहीं उठाएगा, तो हम अपनी बच्चियों को भेजने से हिचकिचाएंगे। शिक्षा के मंदिर की गरिमा रहनी चाहिए।“
अभिभावकों की यह चिंता जायज है और कॉलेज प्रशासन का नया आदेश इसी विश्वास को बहाल करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि इस प्रकार की हरकतों से अभिभावकों के मन में गलत संदेश जाता है, जिससे वे अपने बच्चों को कॉलेज भेजने में संकोच कर सकते हैं।
छात्र संघ प्रतिनिधियों का समर्थन: अनुशासन सर्वोपरि
सबसे अच्छी बात यह है कि कॉलेज के छात्र संघ प्रतिनिधियों ने भी प्रशासन के इस फैसले का पुरजोर समर्थन किया है। छात्र प्रतिनिधियों का मानना है कि रचनात्मकता और अनुशासन के बीच एक पतली लकीर होती है, जिसे लांघा नहीं जाना चाहिए।
एक छात्र प्रतिनिधि ने समस्तीपुर एक्सप्रेस को बताया, “कॉलेज कैंपस में अनुशासन बनाए रखना हमारी भी जिम्मेदारी है। हम चाहते हैं कि हमारे कॉलेज की पहचान एक उत्कृष्ट शैक्षणिक केंद्र के रूप में हो, न कि रील बनाने वालों के अड्डे के रूप में। हम प्रशासन के इस फैसले के साथ हैं और अगर कोई छात्र ऐसा करता पाया गया, तो हम पहले उसे समझाएंगे और न मानने पर सख्त कार्रवाई की सिफारिश करेंगे।“
जिम्मेदार नागरिक बनें, डिजिटल स्पेस का सही उपयोग करें
यह सच है कि डिजिटल युग में सोशल मीडिया हर किसी के जीवन का हिस्सा बन गया है। रील बनाना, वीडियो बनाना और खुद को अभिव्यक्त करना गलत नहीं है, लेकिन इसके लिए सही स्थान और समय का चुनाव करना बहुत जरूरी है। कॉलेज एक सार्वजनिक स्थान तो है, लेकिन इसकी एक खास मर्यादा और गरिमा है।
समस्तीपुर एक्सप्रेस भी अपने पाठकों और युवाओं से यह अपील करता है कि आप जरूर क्रिएटिव बनें, वीडियो बनाएं, लेकिन इसके लिए कॉलेज परिसर या कक्षा का उपयोग न करें। सार्वजनिक स्थानों पर, विशेषकर शिक्षण संस्थानों में, हमेशा जिम्मेदारी और मर्यादा के साथ व्यवहार करें। किसी दूसरे की निजता का सम्मान करना सीखें।
उल्लंघन करने पर क्या होगी कार्रवाई?
कॉलेज प्रशासन के सूत्रों के अनुसार, आदेश का पालन सुनिश्चित कराने के लिए कॉलेज की अनुशासन समिति (Discipline Committee) और एनसीसी (NCC) के कैडेट्स को तैनात किया जा सकता है।
- यदि कोई छात्र पहली बार उल्लंघन करता पाया जाता है, तो उसे चेतावनी दी जाएगी और उसके अभिभावकों को सूचित किया जा सकता है।
- बार-बार गलती दोहराने पर छात्र को निलंबित या कॉलेज से निष्कासित (Rusticate) किया जा सकता है।
- बाहरी लोगों या गंभीर मामलों में, पुलिस को सूचित कर भारतीय दंड संहिता (IPC) की संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कराई जाएगी, जिसमें साइबर अपराध और निजता के उल्लंघन की धाराएं शामिल होंगी।
आर. बी. कॉलेज दलसिंहसराय का यह कदम समस्तीपुर जिले के अन्य कॉलेजों के लिए भी एक नजीर बन सकता है। अब देखना यह होगा कि कॉलेज प्रशासन इस आदेश को कितनी सख्ती से लागू कर पाता है।
समस्तीपुर एक्सप्रेस की टीम इस खबर पर नजर बनाए रखेगी। कॉलेज परिसर और आसपास की अन्य खबरों के लिए जुड़े रहें समस्तीपुर एक्सप्रेस के साथ।
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