बिहार में नई ट्रैफिक व्यवस्था
बिहार की ट्रैफिक पुलिस अब चालान काटने के लिए सिर्फ हैंडहेल्ड डिवाइस पर निर्भर नहीं रहेगी। पुलिसकर्मी अब अपने कंधे पर लगे बॉडी वार्न कैमरे से भी चालान काट सकेंगे। ये कैमरे सीधे लाइसेंस प्लेट रिकॉग्निशन सिस्टम से जुड़े होंगे, जिससे ट्रैफिक व्यवस्था और पारदर्शी बनेगी।
चालान कैसे कटेगा?
एडीजी ट्रैफिक सुधांशु कुमार ने बताया कि अब अगर कोई वाहन चालक ट्रैफिक नियम तोड़ेगा और वह कैमरे में रिकॉर्ड हो गया, तो उसी वीडियो या फोटो के आधार पर चालान जारी कर दिया जाएगा।
कितने कैमरे लगाए गए हैं?
- राज्य में अब तक 7,000 से ज्यादा बॉडी वार्न कैमरे बांटे जा चुके हैं।
- ड्यूटी के दौरान इन कैमरों को ऑन रखना अनिवार्य है।
- पुलिसकर्मी चाहकर भी कैमरे को बंद नहीं कर सकते।
क्या-क्या होगा रिकॉर्ड?
- ये कैमरे सीधे सर्वर से जुड़े रहेंगे।
- सड़क पर होने वाली हर घटना को कंट्रोल रूम में लाइव देखा जा सकेगा।
- सभी वीडियो और फोटो का डेटा सुरक्षित रहेगा, जिससे बाद में सबूत के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकेगा।
अभी क्या हो रहा है?
- इस समय पटना समेत पूरे राज्य में पुलिसकर्मी हैंडहेल्ड डिवाइस (HHD) से चालान काट रहे हैं।
- अब तक 2,000 से ज्यादा डिवाइस उपलब्ध कराए गए हैं।
- चालान काटने के लिए 4 स्मार्ट शहरों में लगे कैमरे, 61 हाइवे पेट्रोलिंग वाहन और टोल प्लाजा पर लगे ई-डिटेक्शन पोर्टल का भी इस्तेमाल किया जा रहा है।
FAQs (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
❓ बिहार ट्रैफिक पुलिस बॉडी कैमरे का इस्तेमाल क्यों कर रही है?
👉 ताकि ट्रैफिक व्यवस्था में पारदर्शिता बनी रहे और सड़क पर होने वाली हर घटना का रिकॉर्ड सुरक्षित हो।
❓ चालान कैसे कटेगा?
👉 पुलिसकर्मी के कैमरे से कैद वीडियो या फोटो के आधार पर सीधे चालान जारी होगा।
❓ क्या सभी पुलिसकर्मियों को बॉडी कैमरे दिए गए हैं?
👉 अभी तक बिहार के ट्रैफिक थानों में 7,000 से ज्यादा कैमरे उपलब्ध कराए जा चुके हैं।
❓ क्या कैमरे बंद किए जा सकते हैं?
👉 नहीं, पुलिसकर्मी को कैमरे लगातार ऑन रखने होंगे। उन्हें इसे बंद करने की अनुमति नहीं है।