समस्तीपुर/हसनपुर की बड़ी खबर
समस्तीपुर के ग्रामीण कार्य विभाग के सुपरिटेंडेंट इंजीनियर विनोद कुमार राय के पटना स्थित घर पर आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की छापेमारी ने इलाके में सनसनी फैला दी।
उनके पैतृक गांव खरहिया (हसनपुर) में भी लोग घटना की चर्चा कर रहे थे। ग्रामीणों का कहना है कि विनोद कुमार राय अक्सर गांव आते-जाते थे और छापेमारी से पहले ही पटना चले गए थे।
गांव में प्रतिक्रिया
गांव में शुक्रवार को दिनभर लोग समूह बनाकर इस कार्रवाई के बारे में बात कर रहे थे।
- कुछ लोग इसे सरकारी भ्रष्टाचार उजागर होने का मामला बता रहे थे।
- कुछ इसे राजनीतिक दबाव का नतीजा मान रहे थे।
छापेमारी में क्या-क्या मिला
सूत्रों के अनुसार, छापेमारी के दौरान घर से निम्नलिखित वस्तुएं बरामद हुईं:
- 55 लाख रुपये नकद
- करोड़ों की जमीन के कागजात
- 12 से ज्यादा बैंक खातों का विवरण
- लाखों रुपये के सोने-चांदी के गहने
- जले हुए नोट, जिन्हें गिनने और जांचने के लिए नगर निगम और FSL की टीम बुलाई गई
विनोद कुमार राय की पोस्टिंग वर्तमान में सीतामढ़ी में है और उनके पास मधुबनी का अतिरिक्त प्रभार भी है।
EOU के आने पर नोट टॉयलेट में बहाए गए
ईओयू को मिली जानकारी के अनुसार, उनके पटना स्थित आवास पर अवैध धन छिपाया गया था।
बरामद संपत्ति में शामिल:
- नकद 55 लाख रुपये
- जले हुए नोट
- 26 लाख रुपये के सोने-चांदी के जेवर
- बीमा पॉलिसी, जमीन और मकान के कागजात
- कुल मिलाकर लगभग 20 करोड़ की चल-अचल संपत्ति
तलाशी के दौरान अधिकारी हैरान रह गए जब नोटों के बंडल टॉयलेट, पानी की टंकी और रसोई के वेस्ट पाइप से मिले।
जले हुए नोटों का मामला
ईओयू के पहुंचते ही घर के लोगों ने नोटों के बंडल को जलाकर टॉयलेट में फेंक दिया।
- 500 रुपये मूल्य के कई जले हुए नोट मिले
- नगर निगम की टीम की मदद से जले और अधजले 12 लाख 50 हजार रुपये बरामद किए गए
- कई आपत्तिजनक दस्तावेज भी जब्त किए गए, जिनकी जांच जारी है
निष्कर्ष
यह छापेमारी न केवल समस्तीपुर और हसनपुर के लोगों के लिए चौंकाने वाली थी, बल्कि यह सरकारी भ्रष्टाचार और अवैध संपत्ति उजागर करने वाली घटना भी साबित हुई।