समस्तीपुर। जिले में मातृ मृत्यु दर में कमी लाने और गर्भवती महिलाओं को एनीमिया (खून की कमी) के जानलेवा खतरे से सुरक्षित रखने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने एक बेहद महत्वपूर्ण कदम उठाया है। राज्य सरकार के निर्देशानुसार, समस्तीपुर सदर अस्पताल में फेरिक कार्बोक्सीमाल्टोज (FCM) इंजेक्शन सेवा का विधिवत शुभारंभ किया गया है।
इस नई पहल के पहले ही दिन डॉक्टरों की सीधी निगरानी में 20 गंभीर एनीमिया ग्रसित गर्भवती महिलाओं को निर्धारित गाइडलाइन के अनुसार एफसीएम इंजेक्शन दिया गया। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान लाभार्थियों का पंजीकरण, वाइटल्स जांच और काउंसलिंग प्रोटोकॉल का पूरी सावधानी से पालन किया गया।
एनीमिया के खिलाफ ‘गेम-चेंजर’ साबित होगी FCM तकनीक
सिविल सर्जन डॉ. राजीव कुमार ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि गर्भावस्था के दौरान एनीमिया एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। कई बार आयरन-फोलिक एसिड की गोलियां लेने के बावजूद हीमोग्लोबिन के स्तर में अपेक्षित सुधार नहीं होता। ऐसी स्थिति में एफसीएम (FCM) तकनीक एक ‘गेम-चेंजर’ साबित होगी।
क्या है FCM इंजेक्शन और यह कैसे काम करता है?
एफसीएम एक आधुनिक मेडिकल तकनीक है, जो सीधे रक्तप्रवाह (Bloodstream) में आयरन पहुंचाती है। इससे शरीर में हीमोग्लोबिन का स्तर बहुत तेजी से बढ़ता है।
- तेजी से रिकवरी: अब महिलाओं को महीनों तक आयरन की गोलियां खाने की जरूरत नहीं पड़ेगी, जिनका असर काफी धीमा होता है।
- उपयुक्तता: यह इंजेक्शन विशेष रूप से उन महिलाओं के लिए है जिनका हीमोग्लोबिन स्तर 7 से 9.9 के बीच होता है।
- कम समय में उपचार: मात्र 15 से 20 मिनट की ड्रिप के माध्यम से यह उपचार पूरा हो जाता है।
- लंबे समय तक राहत: एक बार इंजेक्शन लगने के बाद अगले तीन महीनों तक आयरन की गोलियां लेने की आवश्यकता नहीं रहती।
सदर अस्पताल में 20 बेड का समर्पित वार्ड और विशेष इंतजाम
अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. गिरीश कुमार ने बताया कि गंभीर एनीमिया प्रसव के दौरान अत्यधिक रक्तस्राव और अन्य जटिलताओं का कारण बनता है, जो मां और बच्चे दोनों के लिए जानलेवा हो सकता है।
इस खतरे को देखते हुए सदर अस्पताल में 20 बेड का एक समर्पित वार्ड तैयार किया गया है। इंजेक्शन देने के बाद प्रत्येक मरीज को कम से कम 30 मिनट तक विशेषज्ञों की कड़ी निगरानी में रखा जाता है। वार्ड में पर्याप्त दवाएं, इमरजेंसी किट और प्रशिक्षित स्टाफ की तैनाती सुनिश्चित की गई है।
मौके पर उपस्थित गणमान्य
इस अवसर पर डॉ. ज्ञानेंद्र, आरिफ अली सिद्दीकी, आलोक कुमार, अस्पताल प्रबंधक विश्वजीत रामानंद, नोडल स्टाफ नर्स पुष्पलता कुमारी, लैब टेक्नीशियन संतोष कुमार और स्टाफ नर्स कुमारी शारदा सहित स्वास्थ्य विभाग के कई अन्य कर्मी मौजूद रहे।
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