विभूतिपुर थाना क्षेत्र के खोकसाहा स्थित एक होटल के पास नशे की हालत में हंगामा करना एक पुलिस अधिकारी को भारी पड़ गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अपने ही विभाग के एएसआई (ASI) को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान विभूतिपुर थाना में तैनात रिंकू सिंह के रूप में की गई है। इस घटना के बाद से पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है।
होटल के पास कर रहा था हाई वोल्टेज ड्रामा
मिली जानकारी के अनुसार, रविवार की शाम एएसआई रिंकू सिंह खोकसाहा स्थित एक होटल के पास पहुंचा था। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि वह पूरी तरह नशे में धुत था और वहां मौजूद लोगों के साथ बदतमीजी और हंगामा कर रहा था। पुलिस की वर्दी में इस तरह की हरकत देख मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत इसकी सूचना विभूतिपुर थानाध्यक्ष को दी।
मेडिकल रिपोर्ट में शराब पीने की हुई पुष्टि
सूचना मिलते ही पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची और आरोपी एएसआई को हिरासत में लिया। स्थानीय ग्रामीणों और प्रत्यक्षदर्शियों ने आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई और मेडिकल जांच की मांग की। इसके बाद उसे चिकित्सकीय जांच के लिए भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने उसके शरीर में अल्कोहल की मात्रा होने (शराब पीने) की पुष्टि कर दी।
थानाध्यक्ष सुनील कुमार झा ने बताया कि मेडिकल रिपोर्ट में पुष्टि होने के बाद आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश किया गया है। उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) विभूतिपुर ले जाया गया, जहां उसे कस्टडी के लिए फिट घोषित किया गया।
एक महीने पहले भी पिस्टल लहराने का है आरोप
स्थानीय चर्चाओं के अनुसार, एएसआई रिंकू सिंह का विवादों से पुराना नाता रहा है। करीब एक माह पूर्व भी वह ‘न्यू रिमझिम होटल’ में नशे की हालत में पहुंचा था। आरोप है कि उस वक्त उसने एक युवक से पिस्टल लेकर होटल कर्मियों के सामने लहराई थी और मिठाई के पैसों को लेकर विवाद किया था। हालांकि, उस समय मामले को रफा-दफा कर दिया गया था, लेकिन इस बार पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है।
निष्पक्ष जांच की उठ रही है मांग
इस घटना ने बिहार में शराबबंदी कानून और पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अधिवक्ता रंजीत कुमार ने इस मामले की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने सवाल उठाया है कि राज्य में शराबबंदी के बावजूद एक पुलिस अधिकारी को शराब कहाँ से उपलब्ध हुई और इसमें कौन-कौन से लोग शामिल हैं?
फिलहाल, अपने ही कर्मी पर कार्रवाई कर समस्तीपुर पुलिस ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि कानून सबके लिए बराबर है।
यह भी पढ़ें:- समस्तीपुर के लाल का कमाल: आदित्य प्रकाश बने बिहार इंटर साइंस टॉपर, डॉक्टर बनकर सेवा करने का है सपना
डिस्क्लेमर: यह खबर Samastipur Express की टीम द्वारा तैयार की गई है। समस्तीपुर जिले की विश्वसनीय खबरों के लिए बने रहें हमारे साथ।