बिहार डेस्क: बिहार में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे लाखों युवाओं के लिए एक बेहद जरूरी और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे व्हाट्सएप, फेसबुक और टेलीग्राम पर बिहार पुलिस में 22,771 सिपाही पदों पर बंपर बहाली का एक विज्ञापन तेजी से वायरल हो रहा है। Samastipur Express की पड़ताल और केन्द्रीय चयन पर्षद (सिपाही भर्ती) द्वारा जारी आधिकारिक स्पष्टीकरण के बाद यह साफ हो गया है कि यह विज्ञापन पूरी तरह से फर्जी (Fake) है।
सोशल मीडिया पर वायरल खबर का सच
बिहार पुलिस में बड़े पैमाने पर बहाली की उम्मीद लगाए बैठे अभ्यर्थियों के बीच एक पत्र (विज्ञप्ति) साझा किया जा रहा था, जिसमें दावा किया गया था कि गृह विभाग (आरक्षी शाखा) के अंतर्गत हजारों पदों पर नियुक्तियां होने वाली हैं। इस पत्र की बनावट और भाषा को इस तरह तैयार किया गया था कि पहली नजर में यह बिल्कुल असली सरकारी नोटिस जैसा लग रहा था।
हालांकि, जब इस विज्ञापन की सत्यता की जांच की गई, तो पता चला कि केन्द्रीय चयन पर्षद (CSBC) ने ऐसी कोई भी अधिसूचना जारी नहीं की है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि असामाजिक तत्वों द्वारा युवाओं को भ्रमित करने और ठगी का शिकार बनाने के उद्देश्य से यह भ्रामक सूचना फैलाई जा रही है।
केन्द्रीय चयन पर्षद (CSBC) ने जारी किया आधिकारिक खंडन
मामले की गंभीरता को देखते हुए बिहार सरकार के गृह विभाग के अंतर्गत आने वाले ‘केन्द्रीय चयन पर्षद (सिपाही भर्ती)’ ने एक आवश्यक सूचना जारी की है। विभाग ने अपने आधिकारिक पत्र (ज्ञापांक 11/के०च०प०(सू०)) दिनांक 19/03/2026 के माध्यम से सर्वसाधारण को सूचित किया है कि:
“सोशल मीडिया एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पर बिहार पुलिस में सिपाही के 22,771 पदों से संबंधित फर्जी विज्ञापन प्रकाशित किए जाने की भ्रामक सूचना प्रकाश में आई है। पर्षद द्वारा आज दिनांक 19.03.2026 को भर्ती संबंधी किसी प्रकार की सूचना प्रकाशित नहीं की गई है।”
पर्षद ने साफ तौर पर कहा है कि अभ्यर्थियों को केवल और केवल विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर दी गई सूचनाओं पर ही भरोसा करना चाहिए। किसी भी निजी वेबसाइट या सोशल मीडिया पोस्ट को आधार बनाकर कोई कदम न उठाएं।

ठगी का शिकार हो सकते हैं युवा
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के फर्जी विज्ञापनों के पीछे एक बड़ा गिरोह सक्रिय हो सकता है। अक्सर ऐसे विज्ञापनों के जरिए अभ्यर्थियों से रजिस्ट्रेशन शुल्क के नाम पर पैसे ऐंठने या उनकी निजी जानकारी (जैसे आधार कार्ड, बैंक डिटेल) चोरी करने की कोशिश की जाती है। बिहार पुलिस की तैयारी करने वाले ग्रामीण क्षेत्रों के छात्र अक्सर इन भ्रामक विज्ञापनों के झांसे में आ जाते हैं, जिसका फायदा जालसाज उठाते हैं।
फर्जी सूचना फैलाने वालों पर होगी कानूनी कार्रवाई
चयन पर्षद ने इस फर्जीवाड़े को लेकर सख्त रुख अपनाया है। जारी किए गए नोटिस में यह स्पष्ट उल्लेख है कि ऐसे भ्रामक विज्ञापन तैयार करने और उन्हें प्रसारित करने वाले तत्वों के विरुद्ध कठोर विधिक कार्रवाई (Legal Action) की जाएगी। साइबर सेल के माध्यम से उन ग्रुप्स और लोगों की पहचान की जा रही है जिन्होंने सबसे पहले इस झूठ को सोशल मीडिया पर फैलाना शुरू किया था।
अभ्यर्थी क्या करें? (महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश)
अगर आप भी बिहार पुलिस या अन्य सरकारी सेवाओं की तैयारी कर रहे हैं, तो इन बातों का विशेष ध्यान रखें:
- आधिकारिक वेबसाइट का ही करें उपयोग: सिपाही भर्ती से जुड़ी किसी भी जानकारी के लिए हमेशा CSBC की आधिकारिक वेबसाइट (www.csbc.bih.nic.in) पर जाकर ही चेक करें।
- नोटिस की तारीख और साइन देखें: अक्सर फर्जी नोटिसों में हस्ताक्षर या तारीख में गड़बड़ी होती है। वायरल हो रहे पत्र की बारीकी से जांच करें।
- पैसे की मांग से बचें: कोई भी सरकारी भर्ती बोर्ड सीधे किसी व्यक्ति से निजी तौर पर पैसे की मांग नहीं करता है। परीक्षा शुल्क हमेशा आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से ही जमा होता है।
- अफवाहों को न फैलाएं: बिना पुष्टि किए किसी भी जॉब अलर्ट वाले मैसेज को व्हाट्सएप ग्रुप्स में फॉरवर्ड न करें। इससे अन्य अभ्यर्थी भी भ्रमित हो सकते हैं।
निष्कर्ष
बिहार पुलिस में 22,771 पदों की भर्ती की खबर फिलहाल सिर्फ एक कोरी अफवाह है। अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी मेहनत और पढ़ाई पर ध्यान दें और इस तरह के झांसों में न आएं। जब भी वास्तविक भर्ती आएगी, उसकी सूचना प्रमुख समाचार पत्रों और सरकारी वेबसाइटों पर उपलब्ध होगी। Samastipur Express हमेशा आपको सही और सटीक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
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