समस्तीपुर: जिले में अब घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडरों का कमर्शियल यानी व्यावसायिक इस्तेमाल करना भारी पड़ सकता है। समस्तीपुर जिला प्रशासन ने घरेलू गैस के अवैध उपयोग और इसकी कालाबाजारी को रोकने के लिए अपनी कमर कस ली है। जिलाधिकारी (DM) के सख्त निर्देश के बाद अब पूरे जिले में सघन जांच अभियान चलाने के लिए विशेष संयुक्त टीमों का गठन कर दिया गया है।
DM के निर्देश पर विशेष टीमों का गठन
समस्तीपुर डीएम ने जिले में बढ़ रहे घरेलू गैस के गलत इस्तेमाल की शिकायतों को गंभीरता से लिया है। प्रशासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार, अब जिले के विभिन्न क्षेत्रों में नियमित रूप से जांच अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए आपूर्ति विभाग, प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस बल को मिलाकर एक संयुक्त टीम तैयार की गई है। यह टीम यह सुनिश्चित करेगी कि जो सिलेंडर आम जनता के घरों में खाना बनाने के लिए हैं, उनका उपयोग होटलों या दुकानों में न हो रहा हो।
इन जगहों पर होगी कड़ी छापेमारी
प्रशासन द्वारा जारी की गई लिस्ट और आदेश के मुताबिक, मुख्य रूप से निम्नलिखित व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर पैनी नजर रखी जाएगी:
- शहर और ग्रामीण इलाकों के सभी होटल।
- राजमार्गों पर स्थित ढाबे और रेस्टोरेंट।
- मिठाई की दुकानें और हलवाई।
- अन्य छोटे-बड़े कमर्शियल आउटलेट्स जहाँ गैस का उपयोग होता है।
टीम इन जगहों पर अचानक यानी औचक निरीक्षण (Surprise Inspection) करेगी। अगर किसी भी दुकान या होटल में घरेलू गैस सिलेंडर पाया जाता है, तो उसे तुरंत जब्त कर लिया जाएगा।
जांच टीम की बनावट और कार्यशैली
प्रशासन ने जांच को प्रभावी बनाने के लिए टीम का ढांचा बहुत मजबूत रखा है:
- थाना स्तर पर: हर थाना क्षेत्र में जिला प्रशासन के एक अधिकारी के नेतृत्व में टीम काम करेगी। इसमें थाना स्तर के एक पुलिस पदाधिकारी और चार पुलिस के जवान शामिल होंगे।
- अनुमंडल और प्रखंड स्तर पर: अनुमंडल और प्रखंड स्तर के अधिकारियों को भी पुलिस और आपूर्ति विभाग के साथ मिलकर काम करने का जिम्मा सौंपा गया है।
- नगर क्षेत्र: शहरी इलाकों में नगर प्रशासन और पुलिस की टीमें सक्रिय रहेंगी।
दोषियों पर होगी कानूनी कार्रवाई और जेल
प्रशासन ने साफ चेतावनी दी है कि घरेलू गैस का व्यावसायिक उपयोग करना एक गंभीर अपराध है। यह द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस (प्रदाय एवं वितरण विनियमन) आदेश 2000 और आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत दंडनीय है।
यदि जांच के दौरान किसी भी प्रतिष्ठान में उल्लंघन पाया जाता है, तो न केवल सिलेंडर जब्त होंगे, बल्कि संबंधित दुकानदार या मालिक के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई और प्राथमिकी (FIR) भी दर्ज की जाएगी। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे हर जांच की रिपोर्ट जिला मुख्यालय को उपलब्ध कराएं ताकि कालाबाजारी पर पूरी तरह लगाम लगाई जा सके।



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