समस्तीपुर में प्रशासन की बड़ी कार्रवाई: रुकवाया गया नाबालिग का बाल विवाह, बीडीओ और रेस्क्यू टीम ने मौके पर लिया कड़ा एक्शन

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समस्तीपुर जिले में बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति के खिलाफ प्रशासन ने एक बार फिर सख्त कदम उठाया है। ताजा मामला जिले के विभूतिपुर थाना क्षेत्र का है, जहां एक नाबालिग लड़की की शादी होने वाली थी। लेकिन सही समय पर सूचना मिलने के कारण प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) और रेस्क्यू टीम ने मौके पर पहुंचकर इस विवाह को रुकवा दिया। इस कार्रवाई के दौरान न केवल शादी रोकी गई, बल्कि मौके पर मौजूद सैकड़ों ग्रामीणों को बाल विवाह न करने और इसे रोकने की महत्वपूर्ण शपथ भी दिलाई गई।

आलमपुर कोदरिया मुसहरी गांव में चल रही थी शादी की तैयारी

मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना विभूतिपुर थाना अंतर्गत आलमपुर कोदरिया मुसहरी गांव की है। यहाँ मुसहर समुदाय के एक परिवार ने अपनी नाबालिग बेटी का विवाह तय किया था और घर में शादी की तैयारियां ज़ोर-शोर से चल रही थीं। परिवार के लोग गुपचुप तरीके से इस बाल विवाह को संपन्न कराने की फिराक में थे, लेकिन प्रशासन को इसकी भनक लग गई।

गुप्त सूचना पर एक्शन में आया प्रशासन और चाइल्ड हेल्पलाइन

इस मामले की जानकारी एक निजी संस्था के माध्यम से अधिकारियों तक पहुँची। सूचना मिलते ही प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) सह बाल विवाह निषेध पदाधिकारी चंद्र मोहन पासवान और चाइल्ड हेल्पलाइन समस्तीपुर के मुन्ना कमलेश कुमार की संयुक्त रेस्क्यू टीम तुरंत गांव के लिए रवाना हो गई। टीम ने जैसे ही गांव में दस्तक दी, शादी वाले घर में हड़कंप मच गया। अधिकारियों ने हस्तक्षेप करते हुए तुरंत विवाह की रस्मों को रुकवा दिया और लड़की के नाबालिग होने के प्रमाण जुटाए।

परिजनों को दी गई कड़ी चेतावनी और लिया गया लिखित वचन

रेस्क्यू टीम और बीडीओ चंद्र मोहन पासवान ने लड़की के माता-पिता और परिजनों को बाल विवाह के गंभीर दुष्परिणामों के बारे में विस्तार से समझाया। उन्होंने बताया कि कम उम्र में शादी करना न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि यह लड़की के स्वास्थ्य और भविष्य के लिए भी खतरनाक है।

काफी समझाने-बुझाने के बाद प्रशासन ने लड़की के माता-पिता से एक लिखित वचन पत्र (Affidavit) भरवाया, जिसमें उन्होंने भविष्य में अपनी बेटी की शादी बालिग होने से पहले न करने की बात कही है। हालांकि, जांच के दौरान लड़की के माता-पिता ने लड़के पक्ष के बारे में कोई भी जानकारी देने से साफ इनकार कर दिया, जिसकी जांच अब भी जारी है।

सैकड़ों ग्रामीणों ने ली बाल विवाह रोकने की शपथ

प्रशासनिक टीम ने इस मौके का उपयोग ग्रामीणों को जागरूक करने के लिए भी किया। बीडीओ ने गांव के सैकड़ों लोगों को एक साथ इकट्ठा किया और उन्हें बाल विवाह के खिलाफ एकजुट होने का संदेश दिया। इस दौरान सभी ग्रामीणों ने हाथ उठाकर शपथ ली कि वे न तो अपने घरों में बाल विवाह करेंगे और न ही समाज में कहीं होने देंगे। निजी संस्था के रेस्क्यू टीम इंचार्ज कमलेश कुमार ने कहा कि उनकी टीम सूचना मिलते ही सक्रिय हो जाती है ताकि बच्चों का भविष्य बर्बाद होने से बचाया जा सके।

बिहार सरकार की सख्ती और प्रशासनिक सक्रियता के कारण अब ऐसी कुरीतियों पर लगाम लग रही है, लेकिन समाज को भी इसमें बढ़-चढ़कर साथ देने की जरूरत है।

डिस्क्लेमर: यह खबर Samastipur Express की टीम द्वारा तैयार की गई है। समस्तीपुर जिले की विश्वसनीय खबरों के लिए बने रहें हमारे साथ।

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